राजनांदगांव: जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है. डोंगरगढ़ थाना क्षेत्र में मूक-बधिर युवती को मेला दिखाने के बहाने घर से ले जाया गया और जबरन शराब पिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया. पीड़िता की असहाय स्थिति और अपराध की बर्बरता ने पूरे इलाके को आक्रोश में डाल दिया है. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
घटना 13 जनवरी 2026 की है. आरोपी कांशी राम जांगड़े ने पीड़िता को बोदेला मेला घुमाने का लालच दिया. भरोसा जीतकर वह उसे मोटरसाइकिल पर अपने साथ ले गया. पीड़िता बोलने और सुनने में असमर्थ है, इसी कमजोरी का फायदा उठाकर आरोपी ने सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई.
जब देर रात तक युवती घर नहीं लौटी तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की. कुछ समय बाद वह अपने घर के बाहर शराब के नशे में बेसुध हालत में मिली. परिजन उसकी हालत देखकर स्तब्ध रह गए. तुरंत उसे संभाला गया, लेकिन नशे की वजह से वह कुछ बता पाने की स्थिति में नहीं थी.
अगली सुबह जब पीड़िता को होश आया तो उसने इशारों के जरिए अपने साथ हुई दरिंदगी की जानकारी दी. चूंकि वह मूक-बधिर है, इसलिए पुलिस ने राजनांदगांव स्थित ‘आस्था मूक-बधिर शाला’ के विशेषज्ञों की मदद से उसका बयान दर्ज किया. बयान के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पुष्टि हुई.
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी कांशी राम ने पीड़िता को जबरन शराब पिलाई और मुड़गांव स्थित अपने किराये के मकान में ले गया. वहां उसने युवती के साथ दुष्कर्म किया. इस अपराध में उसके साथी रितेश लोधी ने पूरा सहयोग किया और घटना को अंजाम देने में मदद की.
मामले की गंभीरता को देखते हुए डोंगरगढ़ पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की. दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जहां उन्होंने अपराध कबूल कर लिया. पुलिस ने बी.एन.एस. की धारा 64(2)(क) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर दोनों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया.