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छत्तीसगढ़ में 15 साल की नाबालिग किशोरी ने एक बच्ची को दिया जन्म, अस्पताल में हुआ पूरे मामले का खुलासा

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में एक 15 साल की नाबालिग किशोरी ने एक बच्ची को जन्म दिया है. परिवार का आरोप है कि एक व्यक्ति ने शादी का झासा देकर शादी की और फिर बच्ची को छोड़ दिया.

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Edited By: Shanu Sharma
छत्तीसगढ़ में 15 साल की नाबालिग किशोरी ने एक बच्ची को दिया जन्म, अस्पताल में हुआ पूरे मामले का खुलासा
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना ने समाज में हड़कंप मचा दिया है. यहां छुरिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक 15 वर्षीय नाबालिग किशोरी को शादी का लालच देकर लगातार शारीरिक शोषण का शिकार बनाया गया. इस क्रूर अपराध का खुलासा तब हुआ, जब पीड़िता ने जिला अस्पताल में एक बच्ची को जन्म दिया. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.

मामला 12 जनवरी 2026 को सामने आया, जब राजनांदगांव जिला अस्पताल से बसंतपुर थाने को एक मेमो प्राप्त हुआ. इसमें सूचित किया गया कि 15 वर्षीय नाबालिग बालिका ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया है और वह अस्पताल में भर्ती है. यह सूचना मिलते ही पुलिस ने संवेदनशीलता के साथ जांच शुरू की.  

क्या है पूरा मामला?

पीड़िता के पिता ने तत्काल पुलिस को लिखित आवेदन सौंपा, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम आटरा निवासी 20 वर्षीय कोमल साहू ने उनकी नाबालिग बेटी को शादी का झांसा देकर प्रेम जाल में फंसाया. आरोपी ने लगातार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए, जिसके फलस्वरूप वह गर्भवती हो गई. इस धोखाधड़ी ने एक मासूम किशोरी का जीवन पूरी तरह बदल दिया. चूंकि मामला नाबालिग से जुड़ा संवेदनशील अपराध था, इसलिए बसंतपुर पुलिस ने तुरंत जीरो एफआईआर दर्ज की और जांच प्रक्रिया शुरू की. बाद में केस को घटनास्थल के अनुसार छुरिया थाना में स्थानांतरित किया गया.

आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज

छुरिया पुलिस ने आरोपी कोमल साहू के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64(2)(m), 65(1) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4 और 6 के तहत गंभीर अपराध पंजीबद्ध किया. पुलिस ने बसंतपुर थाने की टीम के सहयोग से आरोपी के घर पर घेराबंदी की. कड़ी पूछताछ में कोमल साहू ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया. 14 जनवरी 2026 को पुलिस ने आरोपी को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश किया. विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी और कानूनी प्रक्रिया की जानकारी न होने से ऐसे अपराधों को बढ़ावा मिलता है. प्रशासन ने पीड़िता और उसके परिवार को सुरक्षा एवं सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है.