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स्कूल में खेल रहा था 7 साल का मासूम, अचानक भरभराकर गिरा गेट और चली गई जान

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में स्कूल का लोहे का मुख्य द्वार गिरने से सात वर्षीय शिवम यादव की मौत हो गई. ग्रामीणों ने गेट खराब होने के बावजूद समय पर मरम्मत नहीं कराने का आरोप लगाया.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
स्कूल में खेल रहा था 7 साल का मासूम, अचानक भरभराकर गिरा गेट और चली गई जान
Courtesy: AI

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में स्कूल परिसर से जुड़ी एक दर्दनाक घटना सामने आई है. हथबंद गांव के स्वामी आत्मानंद शासकीय विद्यालय का मुख्य गेट गिरने से सात साल के बच्चे की जान चली गई. शिवम यादव तीज के मौके पर अपनी बड़ी मां के घर आया हुआ था. वह दोस्तों के साथ खेलने के लिए स्कूल के पास गया था. इसी दौरान वह मुख्य द्वार के पास पहुंचा और अचानक गेट गिर गया. घटना के बाद प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है.

दोस्तों के साथ खेलने गया था शिवम

शिवम यादव रतनपुर का रहने वाला था और तीज पर्व पर हथबंद में अपनी बड़ी मां के घर आया था. उसका घर से करीब 400 मीटर दूर स्थित स्कूल में दोस्तों के साथ खेलने जाना हुआ. खेलते समय वह विद्यालय के मुख्य गेट के पास खड़ा था. इसी दौरान लोहे का भारी द्वार अचानक गिर गया. शिवम उसकी चपेट में आ गया. हादसे के बाद मौके पर अफरा तफरी मच गई और परिजन भी घटनास्थल पर पहुंचे.

SDM ने मौके पर पहुंचकर दिए जांच के निर्देश

घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे. एसडीएम अतुल शेटे ने घटनास्थल का जायजा लिया और मामले की जानकारी ली. प्रारंभिक जांच के बाद उन्होंने एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए. प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि स्कूल का मुख्य द्वार किस स्थिति में था और उसके गिरने की वजह क्या रही. हादसे के बाद विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं.

ग्रामीणों ने तीन महीने से गेट खराब होने का लगाया आरोप

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल का मुख्य द्वार करीब तीन महीने से खराब हालत में था. उनका कहना है कि गेट की स्थिति को लेकर पहले से जानकारी होने के बावजूद समय रहते उसकी मरम्मत नहीं कराई गई. ग्रामीणों ने इस मामले में जिम्मेदारी तय करने की मांग की है. घटना के बाद लोगों में नाराजगी है और वे स्कूल परिसर में बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं.

स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस हादसे ने सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. बच्चों के आने जाने वाली जगहों पर जर्जर या खराब संरचनाओं की समय पर जांच और मरम्मत जरूरी मानी जाती है. बलौदाबाजार की घटना के बाद अब प्रशासनिक जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि गेट की हालत कितनी खराब थी और उसकी मरम्मत क्यों नहीं हुई. फिलहाल पुलिस कार्रवाई और जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है.