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छत्तीसगढ़ में सात दिन में दूसरी बड़ी कामयाबी, सुरक्षाबलों ने माओवादियों का बड़ा डंप किया जब्त

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में सुरक्षाबलों ने सात दिनों के भीतर दूसरी बार माओवादी डंप बरामद किया है. कोंडागांव में भी पिस्टल, जिलेटिन छड़ें, डेटोनेटर और तीन सक्रिय टिफिन आईईडी बरामद किए गए.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
छत्तीसगढ़ में सात दिन में दूसरी बड़ी कामयाबी, सुरक्षाबलों ने माओवादियों का बड़ा डंप किया जब्त
Courtesy: Pinterest

रायपुर: छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों को माओवाद विरोधी अभियान के दौरान बड़ी सफलता मिली है. बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों ने सात दिनों के भीतर दूसरी बार माओवादी डंप बरामद किया है. पीडिया और कुप्पागुडा के जंगलों में तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों को हथियार, आईईडी और बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री मिली है. बरामद सामान से इलाके में माओवादियों की गतिविधियों और उनके संभावित हमलों की तैयारियों का संकेत मिला है.

जानकारी के अनुसार, सुरक्षाबलों ने जंगलों में माओवादियों द्वारा छिपाकर रखे गए 14 डंप का पता लगाया. इन डंप से सात रायफल, 10 आईईडी और करीब 99 प्रकार की अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद की गई. सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाकर बरामद सामग्री को अपने कब्जे में लिया. जंगलों में छिपाकर रखे गए हथियार और विस्फोटक सुरक्षा बलों के लिए गंभीर खतरा बन सकते थे.

पिछले महीने क्या-क्या हुआ था बरामद?

बीजापुर जिले में इससे पहले भी माओवादी डंप बरामद हो चुका है. पिछले महीने 29 अगस्त को सुरक्षा बलों को एक डंप मिला था. इसमें दो हथियार, बीजीएल सेल, डेटोनेटर और अन्य सामग्री बरामद की गई थी. लगातार डंप मिलने से सुरक्षा बलों ने जंगलों में तलाशी और निगरानी अभियान और तेज कर दिया है.

इससे पहले 13 मई 2026 को बीजापुर जिले के कोटो क्षेत्र में भी सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली थी. वहां माओवादियों के तीन ठिकानों से 65.52 लाख रुपये नकद, 52 हथियार, बड़ी संख्या में कारतूस और विस्फोटक समेत कई सामान बरामद किए गए थे. इतनी बड़ी मात्रा में हथियार और नकदी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने माओवादी नेटवर्क के खिलाफ अभियान को और मजबूत किया.

सुरक्षाबलों को मिली अहम सफलता 

इसी अभियान के दौरान कोंडागांव जिले में भी सुरक्षाबलों को अहम सफलता मिली. मर्दापाल और पुष्पपाल थाना क्षेत्र के सुदूर जंगलों और पहाड़ी इलाकों में तलाशी के दौरान नौ एमएम की एक पिस्टल बरामद की गई. इसके अलावा करीब 160 जिलेटिन की छड़ें, भारी मात्रा में बारुद, छह वॉकी टॉकी और वायरलेस सेट, डेटोनेटर, बिजली के तार और बम बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री मिली.

सुरक्षाबलों को क्या मिला?

सुरक्षाबलों को जमीन में दबाकर रखे गए तीन सक्रिय टिफिन आईईडी भी मिले. इन बमों को समय रहते बरामद कर लिया गया, जिससे संभावित नुकसान को टाला जा सका. सुरक्षा बल अब बरामद हथियारों और विस्फोटक सामग्री के स्रोत तथा इन्हें जंगल में छिपाने वाले लोगों की पहचान करने में जुटे हैं.

बीजापुर और कोंडागांव में लगातार मिल रहे हथियार और विस्फोटक माओवादी संगठनों के खिलाफ चल रहे अभियानों की अहम उपलब्धि माने जा रहे हैं. सुरक्षाबलों की ओर से जंगलों और संवेदनशील इलाकों में तलाशी अभियान लगातार जारी है.