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रायगढ़: मां की तलाश में जंगल में भटक रहा हाथी का बच्चा, वन विभाग की टीम जुटी, ड्रोन कैमरे से होगा रेस्क्यू

रायगढ़ जिले के घने जंगलों में एक नन्हा हाथी पिछले दो दिनों से अपनी मां और दल से बिछड़कर अकेला घूम रहा है. करीब दो से तीन साल का यह शावक अपनी मां को खोजने की कोशिश में जंगल के रास्तों पर भटक रहा है.

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Edited By: Antima Pal
रायगढ़: मां की तलाश में जंगल में भटक रहा हाथी का बच्चा, वन विभाग की टीम जुटी, ड्रोन कैमरे से होगा रेस्क्यू
Courtesy: Pinterest

रायगढ़: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के घने जंगलों में एक नन्हा हाथी पिछले दो दिनों से अपनी मां और दल से बिछड़कर अकेला घूम रहा है. करीब दो से तीन साल का यह शावक अपनी मां को खोजने की कोशिश में जंगल के रास्तों पर भटक रहा है. वन विभाग और स्थानीय हाथी मित्र दल अब उसे सुरक्षित तरीके से उसकी मां तक पहुंचाने के लिए सक्रिय हो गए हैं.

मां की तलाश में जंगल में भटक रहा हाथी का बच्चा

मामला धरमजयगढ़ वनमंडल के बोरो रेंज का है. यहां चाल्हा गांव के आसपास के जंगलों में जशपुर जिले की तरफ से आए सात हाथियों का एक दल पहाड़ के ऊपर विचरण कर रहा था. कुछ दिन पहले दल के छह हाथी पहाड़ से उतरकर मैनपाट की दिशा में आगे बढ़ गए. लेकिन छोटा शावक उधर नहीं जा सका और पहाड़ पर ही रह गया. अब उसका दल करीब आठ से दस किलोमीटर दूर मैनपाट की ओर है.

वन विभाग की टीम जुटी

बुधवार को जंगल के किनारे भैंस चराने गए एक युवक की नजर सबसे पहले इस अकेले शावक पर पड़ी. वह गांव के पास तक पहुंच गया था. चरवाहे ने तुरंत गांव वालों को बताया और फिर वन विभाग को सूचना दी गई. आशंका है कि शावक भैंसों के झुंड के साथ जंगल से निकलकर गांव की तरफ आ गया होगा. सूचना मिलते ही वन कर्मियों की टीम मौके पर पहुंच गई और शावक की निगरानी शुरू कर दी.

वन विभाग अब शावक को उसकी मां से मिलाने के लिए ड्रोन की मदद ले रहा है. ड्रोन से जंगल के बड़े इलाके को स्कैन करके मां और बाकी दल की सही लोकेशन पता की जा रही है. टीम लगातार 24 घंटे निगरानी कर रही है ताकि शावक किसी खतरे में न पड़े. जंगली जानवरों से सुरक्षा और पानी-चारा की व्यवस्था भी की जा रही है.

स्थानीय ग्रामीण भी सहयोग दे रहे हैं. वे जंगल के आसपास की गतिविधियों की जानकारी वन विभाग को दे रहे हैं. पूरे मामले में सतर्कता बरती जा रही है ताकि शावक को किसी तरह का तनाव न हो. वन अधिकारी उम्मीद जता रहे हैं कि ड्रोन और टीम के प्रयासों से जल्द ही नन्हा गजराज अपनी मां से मिल जाएगा और फिर से अपने दल के साथ जंगल में विचरण करने लगेगा.