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India Daily

'अवध के बाद अब मगध की बारी...,' मोहन भागवत के डीएनए वाले बयान पर अखिलेश यादव ने कसा तंज

अखिलेश यादव ने बिहार में एक रैली के दौरान आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के उस दावे की आलोचना की है जिसमें उन्होंने कहा था कि भारतीयों का डीएनए 40,000 सालों से एक जैसा है. उन्होंने इसे राजनीतिक तंज के तौर पर इस्तेमाल किया। यादव ने उत्तर प्रदेश में भाजपा की हार का ज़िक्र करते हुए बिहार में भी ऐसी ही हार की बात कही, साथ ही आगामी विधानसभा चुनावों में तेजस्वी यादव को समर्थन देने का वादा भी किया.

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Edited By: Mayank Tiwari
'अवध के बाद अब मगध की बारी...,' मोहन भागवत के डीएनए वाले बयान पर अखिलेश यादव ने कसा तंज
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समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत के उस बयान पर तंज कसते हुए इसे राजनीतिक हथियार बनाया, जिसमें भागवत ने कहा था कि "पिछले 40,000 सालों से भारत में रहने वाले लोगों का डीएनए एक ही है." बिहार में राहुल गांधी की 'मतदाता अधिकार यात्रा' के तीसरे चरण के अंतिम दिन आरा में एक रैली को संबोधित करते हुए अखिलेश ने इस बयान का मजाक उड़ाया और उत्तर प्रदेश में बीजेपी की हालिया हार का जिक्र करते हुए कहा, "अवध के बाद अब मगध की बारी है."

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सपा सुप्रीमों अखिलेश यादव ने आरा में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, "हम कहते आए हैं कि सामाजिक न्याय की हमारी लड़ाई 5,000 साल पुरानी है. लेकिन हाल ही में हमें पता चला कि यह 40,000 साल पुरानी है."

सामाजिक न्याय की लड़ाई और डीएनए का तंज

यूपी के पूर्व सीएम और कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव ने तंज कसने के लहजे में कहा, "हमें अपनी कमर कसनी होगी. हम 5,000 साल की सामाजिक असमानता की बात करते हैं, लेकिन बीजेपी-आरएसएस का दावा है कि यह व्यवस्था 40,000 साल पुरानी है. पिछले साल के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को अवध (उत्तर प्रदेश) में हार का सामना करना पड़ा. अब समय है कि उन्हें मगध (बिहार) से भी खदेड़ दिया जाए." 

बिहार में गठबंधन की एकजुटता

अखिलेश ने 1990 में बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी की राम रथ यात्रा को समस्तीपुर में रोकने की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि "रथ बिहार में रुका था. उस घटना ने राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) प्रमुख लालू प्रसाद और सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के बीच राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को जन्म दिया था. हालांकि, इस बार अखिलेश ने लालू के बेटे तेजस्वी यादव को पूर्ण समर्थन देने का वादा किया. उन्होंने कहा, "हम आगामी विधानसभा चुनाव में तेजस्वी यादव के साथ पूरा सहयोग करेंगे. वे अगली सरकार बनाएं और बिहार को प्रगति के पथ पर ले जाएं."

.तेजस्वी के वादे और बीजेपी पर हमला

अखिलेश ने तेजस्वी के नौकरी के वादों की सराहना करते हुए कहा, "तेजस्वी बिहार के युवाओं को नौकरी देने का वादा कर रहे हैं, जिससे मजबूरन पलायन रुकेगा. उन्हें विधानसभा चुनाव जीतने दें, फिर बीजेपी को बिहार से पलायन करना पड़ेगा." उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि सरकार "हमें डराने की कोशिश कर रही है, लेकिन वह खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से डर रही है." अमेरिका द्वारा लगाए गए भारी टैरिफ का जिक्र करते हुए उन्होंने तंज कसा, "ऐसा लगता है कि टैरिफ बीजेपी के मुंह पर भी लग गए हैं."

किसानों और चुनाव आयोग पर सपा सुप्रीमों ने उठाए सवाल

अखिलेश यादव ने बीजेपी पर किसानों के साथ विश्वासघात का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, "उन्होंने किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था, लेकिन हकीकत में देश के किसान बर्बाद हो गए हैं." साथ ही, उन्होंने चुनाव आयोग पर "बीजेपी के पक्ष में चुनाव में हेराफेरी (जुगाड़)" करने का आरोप लगाया. उन्होंने इंडिया गठबंधन के कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे मतदाता सूची से नाम गलत तरीके से हटाए जाने से रोकें और मतदान के दौरान लोगों को बिना डर के वोट डालने का मौका दें.

जानिए मोहन भागवत ने क्या कहा था?

इससे पहले, इस हफ्ते नई दिल्ली में 'आरएसएस के 100 साल पूरे होने के मौके पर नए क्षितिज' कार्यक्रम में मोहन भागवत ने कहा था, "पिछले 40,000 सालों से भारत में रहने वाले लोगों का डीएनए एक ही है. सामंजस्य में रहना हमारी संस्कृति है." उन्होंने जोर देकर कहा, "हमें एकरूपता की आवश्यकता नहीं है, विविधता में भी एकता है. विविधता एकता का उत्पाद है."