मुंबई: सरकार ने नोरा फतेही और संजय दत्त के गाने 'सरके चुनरिया' पर आधिकारिक तौर पर बैन लगा दिया है. सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में इसकी पुष्टि की और कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी समाज और संस्कृति के संदर्भ में ही होनी चाहिए. यह गाना कन्नड़ फिल्म 'KD: The Devil' का प्रमोशनल ट्रैक है, जिसमें नोरा फतेही और संजय दत्त की जोड़ी है.
रिलीज होते ही इसके बोल्ड लिरिक्स और प्रोवोकेटिव विजुअल्स पर भारी विरोध हुआ. लोगों ने इसे अश्लील बताया और महिलाओं की छवि खराब करने वाला कहा. सोशल मीडिया पर हैशटैग ट्रेंड करने लगे और कई संगठनों ने शिकायतें दर्ज कीं. लोकसभा में समाजवादी पार्टी के सांसद आनंद भदौरिया ने इस मुद्दे को उठाया. जवाब में मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट कहा, 'गाने पर पहले ही बैन लगा दिया गया है.'
#WATCH | Speaking in Lok Sabha, on the ban on Bollywood film song 'Sarke Chunariya', Union Minister for Information & Broadcasting, Ashwini Vaishnaw says," A ban has been imposed on the song. We must operate according to the reasonable restrictions under the Freedom of Speech.… pic.twitter.com/TMSBaiLVke
— ANI (@ANI) March 18, 2026
उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 19(2) का जिक्र करते हुए कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी पूर्ण रूप से असीमित नहीं है. यह सार्वजनिक व्यवस्था, शालीनता, नैतिकता और बच्चों-महिलाओं की सुरक्षा जैसे मामलों में प्रतिबंधों के अधीन है. मंत्री ने आगे कहा, 'आज डिजिटल माध्यम से चीजें बहुत तेजी से फैलती हैं. समाज की रक्षा, खासकर बच्चों, महिलाओं और कमजोर वर्गों की सुरक्षा के लिए सरकार सख्त कदम उठाने को तैयार है.'
उन्होंने जोर दिया कि स्वतंत्रता का मतलब संस्कृति और समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं है. विवाद शुरू होते ही गाने का हिंदी वर्जन यूट्यूब से हटा दिया गया था. लेकिन अब सरकार के बैन के बाद सभी प्लेटफॉर्म्स से इसे हटाने की प्रक्रिया चल रही है. CBFC को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे कंटेंट पर नजर रखी जाए. हरियाणा महिला आयोग, NHRC और AICWA जैसे संगठनों ने भी CBFC को नोटिस भेजे थे. कई वकीलों ने FIR की मांग की और इसे बच्चों पर बुरा असर डालने वाला बताया.
फिल्म 'KD: The Devil' अप्रैल 2026 में रिलीज होने वाली है, जिसमें ध्रुव सरजा मुख्य भूमिका में हैं. यह पैन-इंडिया फिल्म है और कई भाषाओं में आएगी. लेकिन इस गाने के विवाद से फिल्म की टीम पर दबाव बढ़ गया है. नोरा फतेही ने पहले ही सफाई दी थी कि उन्हें हिंदी लिरिक्स की जानकारी नहीं थी और वे ऐसे कंटेंट से असहमत हैं. यह घटना बॉलीवुड और साउथ सिनेमा में कंटेंट सेंसरशिप की नई बहस छेड़ रही है. एक तरफ क्रिएटिव फ्रीडम की बात है, तो दूसरी तरफ समाज की नैतिकता और बच्चों की सुरक्षा. सरकार का यह कदम साफ संदेश देता है कि डिजिटल युग में भी अश्लीलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी.