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बिहार में 'आधी आबादी' ने NDA की कराई सत्ता में वापसी, 'डायरेक्ट कैश ट्रांसफर' योजना बनी चुनाव में जीत की गारंटी

बिहार में इस बार महिला मतदाताओं ने जिस तरह मतदान प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर भगा लिया, वो अभूतपूर्व रहा. आधी आबादी की इस भागीदारी ने ही NDA की सत्ता में वापसी पर मुहर लगाई और इसमें अहम भूमिका निभाई सरकार की 'डायरेक्ट कैश ट्रांसफर' योजना ने.

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Edited By: Kanhaiya Kumar Jha
Direct cash transfer Scheme India Daily
Courtesy: Gemini AI

नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले एनडीए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्य की महिलाओं के बैंक खातों में 10,000 रुपये ट्रांसफर किए. इस फैसले ने चुनावी माहौल को काफी हद तक प्रभावित किया और एक बार फिर साबित कर दिया कि आधी आबादी यानी महिला वोटर चुनाव में कितना बड़ा रोल निभाती हैं. यह रणनीति पहली बार नहीं अपनाई गई है. पिछले चार वर्षों में देश के कई राज्यों में इसी तरह की स्कीमों ने राजनीतिक दलों को भारी फायदा पहुंचाया है.

महिलाओं की बढ़ती भागीदारी

इस चुनाव में एक दिलचस्प तथ्य सामने आया कि पुरुषों की तुलना में करीब 10% अधिक महिलाओं ने मतदान किया. इससे साफ संकेत मिलने लगे थे कि नतीजे किस दिशा में जा सकते हैं. पिछले कुछ वर्षों में ज्यादातर राज्यों में यही देखा गया है कि महिला वोटर पुरुषों की तुलना में ज्यादा संख्या में वोट डालने पहुंचती हैं. शिक्षा, जागरूकता और सरकारों द्वारा चलाई जा रही योजनाओं ने उन्हें पहले से ज्यादा सशक्त बनाया है.

बिहार में मजबूत महिला वोट बैंक

बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने लंबे कार्यकाल में महिलाओं के बीच एक मजबूत भरोसा बनाया है. उन्हें यह समझ सबसे पहले लगी कि महिलाओं को केंद्र में रखकर तैयार की गई योजनाएं चुनाव में बड़ा असर डालती हैं. उन्होंने छात्राओं को साइकिल देने की योजना शुरू की, पंचायतों में महिलाओं को आरक्षण दिया, शराबबंदी लागू की और अब सीधा कैश ट्रांसफर तक किया.

इसके अलावा लड़कियों को पढ़ाई के लिए वित्तीय सहायता देने जैसे फैसलों ने महिला मतदाताओं में उनके प्रति एक भरोसा कायम किया है. यही कारण है कि बिहार में उनका एक मजबूत महिला वोट बैंक तैयार हो चुका है, जिसकी गूंज अब राष्ट्रीय राजनीति तक पहुंच रही है.

अन्य राज्यों में भी सफल रहा यह फॉर्मूला

यूपी में 2017 के चुनाव में बीजेपी की जीत में उज्जवला योजना की बड़ी भूमिका रही. ग्रामीण महिलाओं को मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने वाली यह स्कीम बेहद लोकप्रिय हुई. पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी ने महिला-केंद्रित योजनाओं के दम पर 2021 में सत्ता बरकरार रखी. कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में भी कांग्रेस ने महिला वोटरों पर फोकस करके राजनीतिक सफलता हासिल की. मध्य प्रदेश में बीजेपी ने महिलाओं के खातों में सीधे पैसे भेजने की योजना शुरू की और लगातार सत्ता में बनी रही.

2024 लोकसभा चुनाव से पहले राज्यों में ‘लक्ष्मी’ की बारिश

महिला आरक्षण बिल पास होने के बाद भी जब केंद्र सरकार को राजनीतिक फायदा स्पष्ट नहीं दिखा, तो महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड में फिर से डायरेक्ट कैश ट्रांसफर की रणनीति अपनाई गई. इन सभी राज्यों में यह तरीका काफी हद तक सफल रहा और सरकारें चुनाव में लाभ लेती दिखीं.