छपरा: बिहार के छपरा शहर में 15 रुपये के लेनदेन को लेकर शुरू हुआ विवाद अचानक हिंसक हो गया. नंदलाल सिंह कॉलेज के दर्शनशास्त्र विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर भगवान ठाकुर रोज की तरह आधा लीटर दूध लेने दुकान पर पहुंचे थे. उन्होंने दुकानदार को 500 रुपये का नोट दिया. इसके बाद उन्हें 450 रुपये वापस मिले. थोड़ी दूर जाने के बाद उन्हें लगा कि हिसाब में 15 रुपये कम मिले हैं, जिसके बाद वह दोबारा दुकान पर लौटे.
ठाकुर के मुताबिक, दुकान पर लौटने के बाद उन्होंने दुकानदार से हिसाब की बात की और 15 रुपये वापस करने की पेशकश भी की. उनका कहना है कि दुकानदार ने वह रकम लौटा दी. इसी दौरान वह पैसे लेने ही वाले थे कि दुकानदार का बेटा पीछे से आया और उनके कान पर चाकू से हमला कर दिया. अचानक हुए इस वार से प्रोफेसर वहीं गिर पड़े. घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई.
भगवान ठाकुर ने बताया कि वह नियमित रूप से उसी दुकान से दूध लेते थे. आधा लीटर दूध लेने के बाद उन्होंने 500 रुपये दिए थे. पैसे वापस मिलने के बाद कुछ दूरी पर उन्हें हिसाब में 15 रुपये की कमी महसूस हुई. इसी वजह से वह दुकान पर वापस पहुंचे. उनका कहना है कि बात पैसे लौटाने तक पहुंची, लेकिन इसके बाद अचानक हमला कर दिया गया.
ठाकुर के अनुसार, दुकानदार ने 15 रुपये वापस कर दिए थे. वह रकम लेने के लिए आगे बढ़े ही थे कि दुकानदार का बेटा पीछे से पहुंचा. आरोप है कि उसने प्रोफेसर के कान में चाकू घोंप दिया. हमले के बाद ठाकुर जमीन पर गिर गए. गंभीर चोट लगने के बावजूद उन्होंने अपने एक सहकर्मी को फोन किया, जिसने मौके पर पहुंचकर उन्हें अस्पताल पहुंचाया.
हमले में घायल प्रोफेसर को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है. घटना के बाद उनके सहकर्मी ने तत्काल मदद की. हमले की वजह को लेकर फिलहाल पुलिस जांच कर रही है. सामने आए विवरण के अनुसार, विवाद की शुरुआत दूध खरीदने के दौरान हुए पैसों के हिसाब से हुई थी, लेकिन कुछ ही देर में मामला हमले तक पहुंच गया.
घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. आरोपी युवक को पकड़ने के लिए तलाश की जा रही है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि विवाद किस तरह बढ़ा और हमला किन परिस्थितियों में हुआ. फिलहाल घायल प्रोफेसर का इलाज जारी है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कार्रवाई चल रही है.