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बिहार में Smart Meter ने बढ़ाई उपभोक्ताओं की चिंता, रिचार्ज के बाद भी बैलेंस दिखा रहा माइनस

बिहार में स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को अचानक कम या माइनस बैलेंस दिखने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. बिजली विभाग के अनुसार यह लंबित रीडिंग और बिलिंग के सॉफ्टवेयर अपडेट का असर है.

KanhaiyaaZee
बिहार में Smart Meter ने बढ़ाई उपभोक्ताओं की चिंता, रिचार्ज के बाद भी बैलेंस दिखा रहा माइनस
Courtesy: AI Generated

पटना: बिहार के कैमूर जिले में स्मार्ट मीटर का बैलेंस अचानक कम होने या माइनस में जाने से कई उपभोक्ता परेशान हैं. सोमवार को भभुआ स्थित विद्युत विभाग के कार्यालय में कई लोग अपनी शिकायत लेकर पहुंचे. उपभोक्ताओं का कहना था कि रिचार्ज के बाद उनके मीटर में पर्याप्त राशि दिखाई दे रही थी, लेकिन लंबित मीटर रीडिंग अपडेट होने के बाद बैलेंस बदल गया. विभाग ने इसे सॉफ्टवेयर बदलाव के कारण रुकी बिलिंग के समायोजन से जोड़ा है.

विद्युत विभाग के मुताबिक जून से अगस्त के बीच मीटर रीडिंग और बिलिंग की प्रक्रिया सामान्य रूप से नहीं चल सकी. इस दौरान विभाग ने मीटर रीडिंग और बिजली खपत से जुड़े आंकड़ों की प्रक्रिया को नए सॉफ्टवेयर पर स्थानांतरित करने का काम किया. इसी वजह से उपभोक्ताओं की बिजली खपत का पूरा हिसाब सिस्टम में समय पर अपडेट नहीं हो पाया.

रिचार्ज के बाद अचानक बदला बैलेंस

भभुआ कार्यालय पहुंचे उपभोक्ताओं ने बताया कि उनके स्मार्ट मीटर में पहले प्लस बैलेंस था. कुछ लोगों के खाते में 500 रुपये या उससे अधिक राशि भी दिखाई दे रही थी. लेकिन रीडिंग अपडेट होने के बाद यही राशि कम हो गई और कई मामलों में बैलेंस शून्य या माइनस में नजर आने लगा. इससे लोगों को लगा कि उनके खाते से अतिरिक्त पैसा काट लिया गया है.

विभाग ने बताई माइनस बैलेंस की वजह

सहायक विद्युत अभियंता राकेश प्रभाकर और कनीय विद्युत अभियंता रमाकांत सिंह ने उपभोक्ताओं को स्थिति समझाई. अधिकारियों के अनुसार जून से अगस्त के दौरान ऊर्जा खपत के आधार पर लगने वाला एनर्जी चार्ज निर्धारित प्रक्रिया के तहत कटता रहा. हालांकि सॉफ्टवेयर में बदलाव के कारण बिलिंग का पूरा हिसाब तत्काल अपडेट नहीं हो सका था.

अब पुराने हिसाब का हो रहा समायोजन

आरएमएस सॉफ्टवेयर शुरू होने के बाद लंबित मीटर रीडिंग और बिजली खपत के आंकड़े सिस्टम में डाले जा रहे हैं. अधिकारियों के अनुसार 30 अगस्त से पिछले महीनों की खपत का हिसाब अपडेट किया गया. इसके बाद पहले इस्तेमाल की जा चुकी बिजली की राशि उपभोक्ताओं के बैलेंस में एक साथ समायोजित होने लगी.

उपभोक्ताओं को क्यों दिख रहा माइनस बैलेंस

विभाग के मुताबिक माइनस बैलेंस दिखने का मुख्य कारण अचानक की गई कोई नई कटौती नहीं, बल्कि पिछली बिजली खपत की लंबित बिलिंग का समायोजन है. सॉफ्टवेयर परिवर्तन के कारण जो प्रक्रिया कुछ समय के लिए प्रभावित हुई थी, उसे अब नए सिस्टम में पूरा किया जा रहा है. इसी वजह से कुछ उपभोक्ताओं के खाते में पहले मौजूद राशि घटकर शून्य या माइनस में दिखाई दे रही है.