गया में हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने चिराग पासवान की इस्तीफे की मांग पर जवाब दिया और कहा कि उनकी पार्टी आरक्षण के लाभ के बंटवारे के मुद्दे से पीछे नहीं हटेगी
मांझी ने कहा कि चिराग पासवान मंत्री संतोष कुमार सुमन की बात को ठीक से समझ नहीं पाए हैं, इसलिए वे उनके और सुमन के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने आरक्षण में क्रीमी लेयर और उप-वर्गीकरण को लेकर जीतनराम मांझी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि उनकी बात व्यापक आरक्षण नहीं, बल्कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के आरक्षण से जुड़ी है. चिराग ने कहा कि क्रीमी लेयर का समर्थन करने वालों को पहले खुद आरक्षण का लाभ छोड़ना चाहिए. उन्होंने मांझी से इस विचार पर कायम रहने की स्थिति में इस्तीफा देने और उनके बेटे के भी इस्तीफे की मांग की. चिराग ने चेताया कि इससे समाज बंट सकता है और सामाजिक न्याय की लड़ाई कमजोर होगी. उन्होंने दलितों के साथ भेदभाव की घटनाओं का भी उल्लेख किया.
मांझी ने कहा कि आरक्षण का लाभ समाज के वास्तविक वंचित लोगों तक पहुंचना चाहिए और लंबे समय से अवसर से दूर रहे वर्गों को आगे बढ़ने का मौका मिलना जरूरी है. मांझी के मुताबिक, आरक्षण का उद्देश्य सामाजिक और आर्थिक रूप से पीछे रह गए लोगों को आगे बढ़ने का अवसर देना है, लेकिन इसका लाभ जरूरतमंदों तक नहीं पहुंचने पर कई लोग इससे वंचित रह सकते हैं.
मांझी ने दावा किया कि संतोष कुमार सुमन ने आरक्षण को लेकर कोई नई बात नहीं कही है, बल्कि उन्होंने वही विचार सामने रखा है जिस पर हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) लंबे समय से काम कर रहा है.
मांझी ने आरक्षण के भीतर उप-वर्गीकरण लागू करने की मांग दोहराई. उन्होंने कहा कि आरक्षण का लाभ समाज के कुछ वर्गों को मिला है, लेकिन कमजोर और लंबे समय से वंचित तबकों तक इसका फायदा पर्याप्त रूप से नहीं पहुंच पाया. मांझी ने कहा कि आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा जरूरी है, ताकि इसका लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंच सके. उन्होंने आरक्षण के मौजूदा ढांचे में बदलाव और लाभ के समान वितरण की जरूरत पर जोर दिया.
केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि गरीब और वंचित तबकों के अधिकारों से जुड़े इस मुद्दे पर उनकी पार्टी पीछे नहीं हटेगी और नेता-कार्यकर्ता मिलकर अपनी मांग को मजबूती से उठाते रहेंगे.
हरिदास सेमिनरी ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान हम (सेक्युलर) की गया जिला कार्यकारिणी का गठन किया गया और प्रदेश पदाधिकारियों का स्वागत हुआ.
कार्यकर्ताओं से संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और जनता से जुड़े मुद्दों को प्रभावी तरीके से उठाने का आह्वान किया गया, जबकि पार्टी ने आरक्षण के मुद्दे पर अपना रुख दोहराया.