पटना: बिहार की राजनीति में एक बार फिर लालू परिवार के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं. महुआ में तेजस्वी यादव के दिए बयान के बाद उनके बड़े भाई तेज प्रताप यादव ने कड़ा पलटवार किया है. तेजस्वी ने हाल ही में एक जनसभा में कहा था कि पार्टी सबसे ऊपर है, पार्टी है तो सबकुछ है, नहीं तो कुछ नहीं. इसके जवाब में तेज प्रताप ने कहा कि पार्टी से बड़ी जनता होती है और वही लोकतंत्र की असली मालिक है.
तेज प्रताप यादव ने अपने बयान में कहा, 'हमारे छोटे और नादान भाई ने कहा कि पार्टी से बड़ा कोई नहीं होता, लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि पार्टी से बड़ी जनता होती है. वही मालिक है. लोकतंत्र में जनता ही सर्वोपरि होती है, न कि कोई पार्टी या परिवार.' उन्होंने कहा कि महुआ उनकी राजनीतिक कर्मभूमि है और उनके लिए पार्टी या परिवार से बढ़कर जनता का विश्वास है.
किसी भी पार्टी से बड़ी हमारी आदरणीय जनता मालिक होती है!#mahua #tejpratapyadav #biharelection2025 pic.twitter.com/fF2mTCQ7pc
— Tej Pratap Yadav (@TejYadav14) November 2, 2025
तेजस्वी यादव ने रविवार को वैशाली जिले की महुआ सीट पर आरजेडी प्रत्याशी मुकेश रौशन के लिए जनसभा की थी. इस दौरान उन्होंने कहा था, 'कोई आए या जाए, पार्टी से बड़ा कोई नहीं. पार्टी ही मां-बाप है. पार्टी है तो सबकुछ है. नहीं तो कुछ नहीं. लालटेन जलेगी तभी तेजस्वी यादव की सरकार बनेगी.' तेजस्वी का यह बयान पार्टी में अनुशासन और एकजुटता दिखाने के मकसद से दिया गया था, लेकिन इसका राजनीतिक असर परिवार के भीतर दिखने लगा है.
तेज प्रताप के इस जवाब से साफ है कि यादव परिवार के दोनों भाइयों के बीच मतभेद गहराते जा रहे हैं. आरजेडी के भीतर यह बयानबाजी उस समय हो रही है जब बिहार में चुनावी माहौल बन रहा है और महागठबंधन एकजुटता दिखाने की कोशिश कर रहा है. तेज प्रताप ने अपने समर्थकों के बीच यह संदेश देने की कोशिश की है कि जनता ही सबसे बड़ी ताकत है और वही उनके लिए सर्वोच्च है.
इधर, बहन रोहिणी आचार्य ने दोनों भाइयों के बीच चल रहे विवाद पर नरमी दिखाते हुए कहा कि तेज प्रताप उनका भाई है और उनका आशीर्वाद हमेशा उसके साथ रहेगा. उन्होंने कहा कि हर बहन चाहती है कि परिवार एकजुट रहे और तेज प्रताप जनता की सेवा करें. इस बयान से संकेत मिला कि परिवार के भीतर सुलह की कोशिशें अभी जारी हैं. बिहार की राजनीति में लालू परिवार के बयान अक्सर चर्चा में रहते हैं और इस बार फिर भाई-भाई के बीच की यह राजनीतिक तकरार चर्चा का केंद्र बन गई है.