पटना: मोकामा से जदयू की टिकट पर चुनावी ताल ठोक रहे बाहुबली अनंत सिंह को दुलारचंद यादव की हत्या के मामले में कोर्ट के आदेश पर 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. मोकामा में अनंत सिंह की हनक को ललकारने वाले दुलारचंद यादव की गुरुवार को मौत हो गई थी, जिसके बाद अनंत सिंह पर हत्या के आरोप लगे थे.
इससे पहले पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा के नेतृत्व में शनिवार रात पुलिस ने बाढ़ से उन्हें गिरफ्तार किया था, जिसके बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उन्हें एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश किया गया. उनकी गिरफ़्तारी के दौरान भारी पुलिस बल एसएसपी के साथ मौजूद रहा. हत्या के मामले में उनसे कुछ देर बात हुई, जिसके बाद उन्हें गिरफतर कर लिया गया था.
दरअसल, अनंत सिंह और दुलारचंद, दोनों ही मोकामा में अपना-अपना वर्चस्व जमाने और दिखाने की होड़ में शामिल थे. दुलारचंद, जो पहले राजद के समर्थक थे, इस बार के विधानसभा चुनाव में जन सुराज के पक्ष में चुनाव प्रचार कर रहे थे. गुरुवार को जब वो जन सुराज के प्रत्याशी के पक्ष में समर्थन में कर रहे थे, इसी दौरान उनकी हत्या हुई. हत्या का आरोप अनंत सिंह पर लगा, जो मोकामा से इस बार जदयू की टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं.
बताया गया कि चुनाव प्रचार के दौरान अनंत सिंह और दुलारचंद के बीच झड़प हुई, जिसके बाद दुलारचंद की हत्या हुई. मृतक के पोते के अनुसार अनंत सिंह ने बेरहमी से उनके दादा की हत्या की. हालांकि अनंत सिंह ने सूरजभान सिंह पर दुलारचंद की हत्या का आरोप लगाया और कहा कि राजनीतिक रंजिश के तहत उन्हें फंसाया जा रहा है. बता दें कि सूरजभान की पत्नी इस बार मोकामा से चुनावी मैदान में है, जिसका सीधा मुकाबला अनंत सिंह से है.
मोकामा का रण इससे पहले अनंत सिंह और सूरजभान की पत्नी की विधायकी पद की उम्मीदवारी को लेकर ही खासी सुर्खियां बटोर रही थी, लेकिन अब दुलारचंद की हत्या और अनंत सिंह की गिरफ़्तारी ने सबकी नज़रें इस सीट पर मानो चिपका दी है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस पुरे घटनाक्रम में खामियाजा NDA को भुगतना पड़ सकता है.
मतदान से पहले बाहुबली अनंत सिंह की गिरफ्तारी से विपक्ष को NDA सरकार पर हमला करने का एक नया मौका मिल गया है. इससे एनडीए का नैतिक व राजनीतिक संतुलन दोनों हिल गया है, क्योंकि लालू के शासनकाल के जिस जंगलराज की याद मतदाताओं को बार दिलाई जा रही थी, अब एनडीए की सुशासन के दावे पर ही सवाल खड़े होने लगे हैं.
अननत सिंह की गिरफ़्तारी यादव बहुल इलाकों में जातीय तनाव को और बढ़ा सकती है. दुलारचंद यादव की हत्या को लेकर यादव समुदाय पहले से आक्रोशित है और अब यह गुस्सा एनडीए के खिलाफ वोट में तब्दील हो सकता है. हालांकि देखना यह भी है कि भूमिहार मतदाताओं का रुख क्या होता है, जिस समुदाय से अनंत सिंह ताल्लुकात रखते हैं.