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रायपुर: इंसाफ न होने पर उठाया खतरनाक कदम, कब्जाई गई जमीन के मामले में एक आदमी हाई-टेंशन बिजली के टावर पर चढ़ा

रायपुर में एक व्यक्ति अपनी जमीन से अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर हाईटेंशन टावर पर चढ़ गया. 12 साल से न्याय न मिलने पर उसने यह कदम उठाया. प्रशासन उसे सुरक्षित नीचे उतारने में जुटा है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
रायपुर: इंसाफ न होने पर उठाया खतरनाक कदम, कब्जाई गई जमीन के मामले में एक आदमी हाई-टेंशन बिजली के टावर पर चढ़ा
Courtesy: @anshuman_sunona X account

रायपुर: छत्तीसगढ़ के रायपुर में सोमवार को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जब अपनी जमीन को लेकर परेशान एक व्यक्ति हाईटेंशन बिजली टावर पर चढ़ गया. इस घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया.

मामला रायपुर जिले के सिलतरा चौकी क्षेत्र का है. यहां के सोन्द्रा गांव के निवासी किशन लाल निषाद ने अपनी जमीन से कथित अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर यह खतरनाक कदम उठाया. बताया जा रहा है कि वह पिछले करीब 12 सालों से अपनी जमीन को एक स्टील कंपनी के कब्जे से छुड़ाने के लिए संघर्ष कर रहे थे.

स्थानीय लोगों ने क्या बताया?

स्थानीय लोगों के अनुसार किशन लाल निषाद ने कई बार प्रशासन से शिकायत की लेकिन उन्हें कोई ठोस समाधान नहीं मिला. लगातार अनदेखी और कार्रवाई न होने से परेशान होकर उन्होंने विरोध का यह तरीका अपनाया.

सोमवार को वह अचानक हाईटेंशन बिजली टावर पर चढ़ गए और नीचे आने से इनकार कर दिया. उनका कहना था कि जब तक उनकी जमीन से अतिक्रमण नहीं हटाया जाएगा, तब तक वह नीचे नहीं उतरेंगे.

प्रशासन ने क्या लिया एक्शन?

घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर तहसीलदार, SDM और पुलिस की टीम तुरंत पहुंची और हालात को संभालने की कोशिश शुरू की. अधिकारियों ने व्यक्ति को समझाने और सुरक्षित नीचे उतारने के लिए बातचीत शुरू की.

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एहतियातन इलाके की बिजली सप्लाई भी अस्थायी रूप से बंद कर दी गई, ताकि किसी तरह का हादसा न हो. आसपास बड़ी संख्या में लोग भी इकट्ठा हो गए, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया.

अधिकारियों ने क्या बताया?

अधिकारियों ने बताया कि व्यक्ति को सुरक्षित नीचे लाने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है. साथ ही, उसकी शिकायत को भी गंभीरता से लिया जा रहा है और मामले की जांच की जाएगी.

यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि अगर समय रहते लोगों की समस्याओं का समाधान हो जाए, तो ऐसे खतरनाक कदम उठाने की नौबत शायद न आए. फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता व्यक्ति की सुरक्षा है और उसे बिना किसी नुकसान के नीचे उतारने की कोशिश जारी है.