Bihar Bridge Collapse: बिहार में पुल और फ्लाईओवर के ढहने का सिलसिला काफी पुराना है. बीते दिनों अररिया के सिकटी इलाके में बकरा नदी पर बन रहा पुल उद्घाटन से पहले ही गिर गया. पुल गिरे दो दिन भी नहीं हुए थे कि अब सिवान जिले में एक पुल ढह गया. ये पूरी घटना इस समय सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है. बिहार में विकास की बात पर लोग सरकार पर तंज कसते हुए इस वीडियो को शेयर कर रहे हैं.
सिवान के गंडक नहर पर बना 30 फुट लंबा ब्रिज रुक-रुक कर ऐसे गिरा की पूछिए ही न. सोशल मीडिया पर इसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो देखकर लग रहा है कि पुल गिरने के लिए किसी के इशारे का इंतजार कर रहा था.
बताया जा रहा है कि ये पुल सिवान के महाराजगंज अनुमंडल में गंडक नहर पर बना था. शनिवार सुबह पुल पानी में गिरकर बह गया. यह पुल पुटेढ़ा और गौरली गांव को आपस में जोड़ता था. पुल का पिलर नीचे धंस गया जिसके चलते पुल गिर गया. पुल गिरने का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ. वीडियो को लोग तेजी के साथ शेयर कर रहे हैं.
VIDEO | Bihar: A bridge between Patedha and Garauli villages of Siwan district collapsed earlier today.
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvqRQz) pic.twitter.com/pfWpHfCN0y— Press Trust of India (@PTI_News) June 22, 2024Also Read
- भाभी से गलत रिश्ता है, सारी संपत्ति उसी को देना चाहते हैं... छोटे बेटे ने कर दी कोर्ट में पिता की धुनाई
- किसान का बेटा, जूनियर इंजीनियर, 2016 में LED घोटाले में आया नाम... जानें कौन है NEET मामले का मास्टरमाइंड सिकंदर
- सेफ हाउस, रोल नंबर 13.. NEET पेपर लीक केस में 'भानुमति के पिटारे' तक ऐसे पहुंची पटना पुलिस
पुल जब धंस रहा था तो आवाज आई. आवाज सुनकर कुछ लोग पहुंचे. किसी ने पुल के गिरने का वीडियो बना लिया और सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया. पुल गिरने के बाद से आवागमन बंद हो गया.
स्थानियों ने बताया कि पुल टूटने के बाद कोई भी अधिकारी घटना का जायजा लेने नहीं पहुंचे. पुल गिरने को लेकर डीएम ने कहा कि पुल बहुत पुराना था. नहर में पानी छोड़े जाने पर पिलर धंस गया, जिसके चलते पुल गिर गया. हम यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि जब तक इसे बहाल नहीं किया जाता, प्रभावित गांवों के निवासियों को यथासंभव कम असुविधा का सामना करना पड़े.
ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि स्थानियों के अनुसार यह पुल साल 1991 में महाराजगंज के उस समय के विधायक उमा शंकर द्वारा बनवाया गया था.