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बिहार में विकास की ये कैसी आंधी? एक ही हफ्ते में ढहे 2 पुल, देखते रह गए लोग

Bihar Bridge Collapse: बिहार में पुल के गिरने की एक और खबर सामने आई है. इस हफ्ते बिहार के अररिया में एक पुल गिरा था, जिसका उद्घाटन भी नहीं हुआ था. ऐसे में एक सप्ताह में दो पुल के गिरने की घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोग बिहार के विकास की बात करते हुए सरकार पर निशाना साध रहे हैं. पुल के गिरने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. लोग इस वीडियो को शेयर करके तरह-तरह की बात लिख रहे हैं.

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बिहार में विकास की ये कैसी आंधी? एक ही हफ्ते में ढहे 2 पुल, देखते रह गए लोग
Courtesy: Social Media

Bihar Bridge Collapse: बिहार में पुल और फ्लाईओवर के ढहने का सिलसिला काफी पुराना है. बीते दिनों अररिया के सिकटी इलाके में बकरा नदी पर बन रहा पुल उद्घाटन से पहले ही गिर गया. पुल गिरे दो दिन भी नहीं हुए थे कि अब सिवान जिले में एक पुल ढह गया. ये पूरी घटना इस समय सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है. बिहार में विकास की बात पर लोग सरकार पर तंज कसते हुए इस वीडियो को शेयर कर रहे हैं. 

सिवान के गंडक नहर पर बना 30 फुट लंबा ब्रिज रुक-रुक कर ऐसे गिरा की पूछिए ही न. सोशल मीडिया पर इसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो देखकर लग रहा है कि पुल गिरने के लिए किसी के इशारे का इंतजार कर रहा था.

पुल गिरने का वीडियो वायरल

बताया जा रहा है कि ये पुल सिवान के महाराजगंज अनुमंडल में गंडक नहर पर बना था. शनिवार सुबह पुल पानी में गिरकर बह गया. यह पुल पुटेढ़ा और गौरली गांव को आपस में जोड़ता था. पुल का पिलर नीचे धंस गया जिसके चलते पुल गिर गया. पुल गिरने का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ. वीडियो को लोग तेजी के साथ शेयर कर रहे हैं. 

पुल जब धंस रहा था तो आवाज आई. आवाज सुनकर कुछ लोग पहुंचे. किसी ने पुल के गिरने का वीडियो बना लिया और सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया. पुल गिरने के बाद से आवागमन बंद हो गया.

स्थानियों ने बताया कि पुल टूटने के बाद कोई भी अधिकारी घटना का जायजा लेने नहीं पहुंचे. पुल गिरने को लेकर डीएम ने कहा कि पुल बहुत पुराना था. नहर में पानी छोड़े जाने पर पिलर धंस गया, जिसके चलते पुल गिर गया.  हम यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि जब तक इसे बहाल नहीं किया जाता, प्रभावित गांवों के निवासियों को यथासंभव कम असुविधा का सामना करना पड़े.

1991 में बना था पुल

ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि स्थानियों के अनुसार यह पुल साल 1991 में महाराजगंज के उस समय के विधायक उमा शंकर द्वारा बनवाया गया था.