दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईस्ट जोन ने साउथ जोन पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है. मुकाबले के चौथे दिन उस समय सबकी नजरें वैभव सूर्यवंशी और तिलक वर्मा पर टिक गईं, जब दोनों के बीच मैदान पर कुछ बातचीत हुई. वैभव ने तिलक से अपनी बात कही और फिर बिना किसी प्रतिक्रिया के वापस लौट गए. यह नजारा इसलिए खास बन गया, क्योंकि फाइनल के पहले दिन भी दोनों खिलाड़ियों के बीच कुछ ऐसा ही पल देखने को मिला था.
चौथे दिन साउथ जोन के आठ विकेट गिर चुके थे और तिलक वर्मा पारी संभालने की कोशिश कर रहे थे. इसी दौरान वैभव सूर्यवंशी उनके पास पहुंचे. दोनों के बीच कुछ बातचीत हुई. वैभव ने अपनी बात रखी और फिर शांत भाव से पीछे हट गए. इस छोटे से घटनाक्रम ने पहले दिन की घटना की याद दिला दी.
दरअसल, फाइनल के शुरुआती दिन ईस्ट जोन के बल्लेबाजों ने तेज शुरुआत करते हुए साउथ जोन पर दबाव बना दिया था. इसी दौरान तिलक वर्मा युवा वैभव सूर्यवंशी के पास गए थे. दोनों के बीच कुछ बातचीत हुई. उस समय ऐसा लगा था कि साउथ जोन के कप्तान युवा खिलाड़ी पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं. अब चौथे दिन वैभव को भी मौका मिला और उन्होंने उसी अंदाज में उस घटना का जवाब दिया.
एमए चिदम्बरम स्टेडियम में खेले जा रहे फाइनल में ईस्ट जोन ने पहली पारी में 708 रन बनाए. इसके जवाब में साउथ जोन की बल्लेबाजी लड़खड़ा गई. मोहम्मद शमी और मुकेश कुमार ने लगातार विकेट निकालकर दबाव बढ़ाया. साउथ जोन की टीम 336 रन पर सिमट गई. तिलक वर्मा ने 99 रन की पारी खेली, लेकिन टीम को बड़ी मुश्किल से नहीं निकाल सके.
साउथ जोन की पारी में तिलक वर्मा ने एक छोर पर टिककर संघर्ष किया. लगातार विकेट गिरने के बावजूद उन्होंने पारी को आगे बढ़ाने की कोशिश की. दूसरी ओर ईस्ट जोन के गेंदबाजों ने शिकंजा कसकर रखा. इसी दबाव के बीच वैभव और तिलक की बातचीत हुई. दोनों के बीच क्या बात हुई, यह साफ नहीं हुआ, लेकिन चार दिन पुराने घटनाक्रम के कारण यह पल जरूर चर्चा में आ गया.