वैभव सूर्यवंशी की उम्र अभी महज 15 साल है, लेकिन मैदान पर उनके फैसले लगातार परिपक्वता दिखा रहे हैं. दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल में ईशान किशन के चोटिल होने के बाद उन्हें ईस्ट जोन की कप्तानी संभालनी पड़ी. बेंगलुरु के BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में खेले जा रहे मुकाबले में वैभव ने कप्तान के तौर पर अपना पहला DRS लिया और यह फैसला सही साबित हुआ. स्लिप में खड़े वैभव ने आर्यन जुयाल के बल्ले से गेंद का संपर्क भांप लिया था.
सेंट्रल जोन की पारी के 40वें ओवर में मुकेश कुमार ने आर्यन जुयाल के खिलाफ कैच की अपील की, लेकिन अंपायर ने इसे नकार दिया. स्लिप में मौजूद वैभव को गेंद के बल्ले से लगने का भरोसा था. मुकेश के कहने पर उन्होंने रिव्यू लिया. अल्ट्राएज में संपर्क साफ दिखा और फैसला बदल गया. जुयाल 46 रन बनाकर आउट हुए और सेंट्रल जोन 99/4 पर पहुंच गया.
Stand-in Captain Vaibhav Sooryavanshi goes for the review with 3 seconds remaining...and gets it right 👏
— BCCI Domestic (@BCCIdomestic) August 30, 2026
DRS done right as the set Aryan Juyal (46) is dismissed ✅
The celebrations say it all 🙌#DuleepTrophy pic.twitter.com/IwBQbr8hJQ
मुकाबले की शुरुआत ईशान किशन की कप्तानी में हुई थी. 19वें ओवर में उंगली में चोट लगने के बाद उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा. इसके बाद उपकप्तान वैभव ने टीम की जिम्मेदारी संभाली. कुमार कुशाग्र ने विकेटकीपिंग की भूमिका निभाई, जबकि वैभव ने फील्डिंग और गेंदबाजों से रणनीति पर काम किया. ईशान बाद में हाथ पर टेप लगाकर मैदान पर लौटे, लेकिन विकेटकीपिंग नहीं की.
वैभव को टूर्नामेंट से पहले ईस्ट जोन का उपकप्तान बनाया गया था. तब उनके सीमित फर्स्ट क्लास अनुभव को देखते हुए यह फैसला चर्चा में रहा था. उन्होंने अब तक केवल नौ फर्स्ट क्लास मैच खेले हैं. इसके बावजूद बड़े मुकाबले में मिली कप्तानी को उन्होंने दबाव की जगह अवसर में बदला. पहला DRS सफल होना उनके नेतृत्व की शुरुआत को खास बना गया.
वैभव ने IPL 2026 में राजस्थान रॉयल्स के लिए 776 रन बनाकर अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया. इसके बाद इंडिया-ए की ट्राई-सीरीज के फाइनल में श्रीलंका-ए के खिलाफ 29 गेंदों पर 94 रन की तूफानी पारी खेली. इंग्लैंड के खिलाफ शुरुआती संघर्ष के बाद उन्होंने जिम्बाब्वे के विरुद्ध दो अर्धशतक लगाए. अब कप्तानी के इस मौके ने उनके बढ़ते कद में एक और अध्याय जोड़ दिया.