भारत ने श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज 1-0 से अपने नाम की. पहले मुकाबले में जीत के बाद दूसरा टेस्ट ड्रॉ रहा. इस सीरीज में कई खिलाड़ियों ने प्रभावित किया, लेकिन सारांश जैन का अंतरराष्ट्रीय पदार्पण चर्चा में रहा. 33 वर्षीय ऑफ स्पिनर ने घरेलू क्रिकेट में लंबा अनुभव हासिल करने के बाद भारतीय टीम में जगह बनाई थी. हालांकि, टेस्ट स्तर पर उनका प्रदर्शन उम्मीदों पर पूरी तरह खरा नहीं उतर सका. अब पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने उनकी गेंदबाजी का विश्लेषण करते हुए अपनी राय रखी है.
सुनील गावस्कर ने सारांश जैन टेस्ट डेब्यू और उनके प्रयास की तारीफ करते हुए अपनी राय रखी. इसके साथ ही उन्होंने सारांश की कमियों के बारे में भी बात की. उन्होंने कहा कि, डेब्यू के कारण खिलाड़ी दबाव में हो सकता है. गावस्कर के मुताबिक, पिच से ज्यादा मदद नहीं मिलने के बावजूद सारांश ने लगातार एक जैसी गेंदबाजी की. धीमी होती पिच पर बल्लेबाजों को परेशान करना उनके लिए मुश्किल साबित हुआ.
गावस्कर ने कहा कि अगर थोड़ी टर्न वाली पिच पर निचले क्रम के बल्लेबाजों को आउट करने में परेशानी हो, तो यह चिंता का विषय बन सकता है. उन्होंने यह भी माना कि मैच आगे बढ़ने के साथ पिच धीमी होती गई. तेज गेंदबाजों के लिए भी सही लंबाई पर गेंद डालना चुनौतीपूर्ण रहा. ऐसे में गुरनूर बराड़ की अतिरिक्त गति उपयोगी हो सकती थी.
भारतीय टीम में पदार्पण से पहले सारांश जैन ने 55 फर्स्ट क्लास मुकाबले खेले थे. जिसमें उनके नाम 2,229 रन और 191 विकेट दर्ज हैं. यह आंकड़े बताते हैं कि घरेलू स्तर पर उन्होंने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है. इसी अनुभव के आधार पर उनसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी बेहतर योगदान की उम्मीद की गई थी. हालांकि, पहली सीरीज उनके लिए सीखने का अनुभव रही. लेकिन अगर सारांश को अगली सीरीज में मौका मिलता है तो फैंस को उनसे इससे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रहने के बावजूद सारांश जैन के पास खुद को साबित करने का मौका है. भारतीय टीम की अगली चुनौती न्यूजीलैंड के खिलाफ होगी. सारांश की कोशिश होगी कि वह अपनी गेंदबाजी में ज्यादा विविधता और नियंत्रण दिखाएं. घरेलू क्रिकेट का अनुभव उनके लिए मजबूत आधार है. अब निगाहें इस बात पर होंगी कि वह अगली सीरीज में मिले अवसर का कितना फायदा उठा पाते हैं.