भारतीय क्रिकेट टीम की प्लेइंग इलेवन को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है. इसकी वजह सिर्फ हालिया प्रदर्शन नहीं, बल्कि पिछले पांच सालों के आंकड़े भी हैं. इस दौरान वनडे क्रिकेट में भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले तीन गेंदबाज कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज और मोहम्मद शमी रहे हैं. लेकिन हैरानी की बात यह है कि इन तीनों में से कोई भी मौजूदा प्लेइंग इलेवन में का हिस्सा नहीं है. इससे चयन नीति और टीम संतुलन पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं.
इन दिनों भारतीय ड्रेसिंग रूम में सेलेक्शन को लेकर घमासान चल रहा है. घमसान इस बात का है कि हेड कोच गौतम गंभीर के टेन्योर में उन खिलाड़ियों को जगह क्यों नहीं मिल पा रही है जो मैदान पर प्रदर्शन कर रहे हैं. टीम में तीन ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्हें उनकी उम्दा गेंदबाजी के बावजूद टीम में जगह नहीं मिल पा रही है.
इस सूची में सबसे ऊपर स्पिनर कुलदीप यादव हैं, जोकि इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा सीरीज में टीम का हिस्सा तो थे लेकिन प्लेइंग में उनके लिए कोई जगह नहीं थी. पिछले पांच सालों में कुलदीप यादव ने भारत के लिए 87 विकेट लेकर सबसे सफल वनडे गेंदबाज का दर्जा हासिल किया. उनके बाद मोहम्मद सिराज ने 76 विकेट और मोहम्मद शमी ने 66 विकेट अपने नाम किए. यह रिकॉर्ड बताता है कि तीनों ने लगातार टीम की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और कई मुकाबलों का रुख बदला.
Top Wicket Takers for India in ODIs in the last 5 years:
Kuldeep Yadav - 87 wickets.
Mohammed Siraj - 76 wickets.
Mohammed Shami - 66 wickets.
- None of them in the playing XI. pic.twitter.com/4aXapnVywK— Mufaddal Vohra (@mufaddal_vohra) July 19, 2026Also Read
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इतने शानदार रिकॉर्ड के बावजूद तीनों गेंदबाजों का अंतिम एकादश में नहीं होना क्रिकेट फैंस के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है. आमतौर पर टीम चयन मौजूदा फॉर्म, फिटनेस, पिच और रणनीति को ध्यान में रखकर किया जाता है. फिर भी इतने अनुभवी और सफल गेंदबाजों की गैरमौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
सेलेक्टर्स इस बात का जवाब नहीं दे पा रहे हैं कि मोहम्मद सिराज कब से केवल टेस्ट के खिलाड़ी बन गए या मोहम्मद शमी जोकि अपनी इंजरी से उबर कर चैंपियंस ट्रॉफी में के हीरो रहे, को क्यों टीम से ड्रॉप किया गया. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि शमी ने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में 5 मैचों में 9 विकेट अपने नाम किए थे, इस दौरान उनके नाम 5 विकेट हॉल भी है.
वनडे क्रिकेट में अनुभवी गेंदबाज अक्सर मुश्किल परिस्थितियों में टीम को वापसी दिलाते हैं. ऐसे में कुलदीप, सिराज और शमी जैसे खिलाड़ियों की अनुपस्थिति से गेंदबाजी आक्रमण के संतुलन को लेकर बहस तेज हो गई है. कई दिग्गजों और फैंस भी मानते हैं कि अनुभव और प्रदर्शन का सही संतुलन टीम चयन में अहम होना चाहिए.