Indians at CWG 2026: मनप्रीत कौर भारत की महिला शॉटपुट की सबसे मजबूत उम्मीदों में से एक हैं. 5 मार्च 1996 को हरियाणा के अंबाला में जन्मीं मनप्रीत ने अपनी मेहनत और लगन से न सिर्फ राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया, बल्कि ओलंपिक जैसे बड़े मंच पर भी भारत का नाम रोशन किया. भारतीय रेलवे में नौकरी करने वाली यह एथलीट परिवार की खेल परंपरा को आगे बढ़ाती हुई मैदान में कमाल दिखा रही हैं.
मनप्रीत का परिवार खेलों से गहरा जुड़ा हुआ है. उनके एक भाई यूनिवर्सिटी स्तर के 100 मीटर स्प्रिंटर रहे हैं, दूसरे भाई डिस्कस थ्रोअर हैं और भाभी भी शॉटपुटर रही हैं. बचपन में मनप्रीत 100 मीटर दौड़ की ट्रेनिंग ले रही थीं, लेकिन उनके भाई ने उन्हें शॉटपुट की ओर मोड़ दिया. यही फैसला उनके जीवन की दिशा बदलने वाला साबित हुआ.
वर्ष 2015 मनप्रीत के करियर का टर्निंग पॉइंट रहा. उन्होंने 17.96 मीटर दूर शॉटपुट फेंककर नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया. इस उपलब्धि के साथ उन्होंने उसी साल इंग्लैंड में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स और अगले साल एशियाई खेलों के लिए क्वालीफाई कर लिया. उस प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश की किरण बाल्यान ने 16.84 मीटर के साथ रजत पदक और महाराष्ट्र की आभा कटुआ ने 16.69 मीटर के साथ कांस्य पदक जीता था. अपनी इस उपलब्धि पर मनप्रीत को खेल मंत्रालय से ढाई लाख रुपये का पुरस्कार भी मिला.
मनप्रीत कौर रियो 2016 ओलंपिक में हिस्सा लेने वाली अपनी स्पर्धा की इकलौती भारतीय महिला एथलीट थीं. इससे पहले वे 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी थीं. उनकी मेहनत और निरंतरता ने उन्हें देश की शीर्ष शॉटपुटर बना दिया.
मनप्रीत का निजी जीवन भी उतना ही प्रेरणादायक है. उनका विवाह विश्वविद्यालय स्तर के शॉटपुटर करमजीत सिंह से हुआ, जो अब उनके कोच भी हैं. दंपति की एक बेटी भी है. बेटी के जन्म के बाद मनप्रीत ने खेल से कुछ समय के लिए ब्रेक ले लिया ताकि बच्ची की अच्छी परवरिश कर सकें. लगभग 5-7 साल के अंतराल के बाद वे मैदान पर वापस लौटीं. इस बार उनके पति करमजीत सिंह ने कोच के रूप में उनकी पूरी मदद की. पति की कोचिंग को उन्होंने संजीवनी बताया.
यह वापसी आसान नहीं थी. परिवार की जिम्मेदारियों और मां बनने के बाद दोबारा फिटनेस हासिल करना और पुरानी लय पाना चुनौती भरा था, लेकिन मनप्रीत ने हार नहीं मानी. उनकी यह वापसी साबित करती है कि सही मोटिवेशन और सपोर्ट सिस्टम के साथ महिलाएं परिवार और करियर दोनों को संभाल सकती हैं.
अब सबकी नजरें 23 जुलाई से 2 अगस्त 2026 तक स्कॉटलैंड के ग्लासगो में होने वाले 23वें कॉमनवेल्थ गेम्स पर हैं. 12 साल बाद ग्लासगो में फिर से इन खेलों का आयोजन हो रहा है. मनप्रीत इस बार बेहतर प्रदर्शन करने और पदक जीतने के लिए पूरी तैयारी कर रही हैं. उनकी उम्र 30 साल है और अनुभव काफी है, जो उन्हें मजबूत स्थिति में रखता है.