भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान शुभमन गिल के लिए रणजी ट्रॉफी में वापसी उम्मीदों के उलट रही. घरेलू क्रिकेट में मजबूत प्रदर्शन की आस लगाए बैठे फैंस को उस वक्त झटका लगा, जब गिल सिर्फ दो गेंदों में बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए. पंजाब और सौराष्ट्र के बीच खेले गए इस मुकाबले ने न सिर्फ गिल की मौजूदा फॉर्म पर सवाल खड़े किए, बल्कि उनके नेतृत्व और चयन को लेकर भी नई बहस छेड़ दी.
पंजाब की ओर से नंबर पांच पर बल्लेबाजी करने उतरे शुभमन गिल से पारी संभालने की उम्मीद थी. टीम मुश्किल में थी और अनुभवी बल्लेबाज की दरकार थी, लेकिन गिल दूसरी ही गेंद पर एलबीडब्ल्यू होकर आउट हो गए. जीरो पर लौटना किसी भी खिलाड़ी के लिए निराशाजनक होता है, लेकिन जब बात टीम इंडिया के कप्तान की हो, तो दबाव कई गुना बढ़ जाता है.
इस मुकाबले का पहला दिन पूरी तरह गेंदबाजों के नाम रहा. कुल 23 विकेट गिरे और कोई भी बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सका. सौराष्ट्र ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 172 रन बनाए, जो मुश्किल पिच पर सम्मानजनक स्कोर था. जवाब में पंजाब की टीम 139 रन पर सिमट गई. गिल का जल्दी आउट होना पंजाब की पारी के लिए बड़ा झटका साबित हुआ.
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🚨 Shubman Gill was once again got robbed by the umpire. He was clearly not out, as there was clear bat before pad, but the umpire still gave him out & there was no DRS available. The same thing happen in his last Ranji match where he was given lbw out when he was batting on 102. pic.twitter.com/LrwDEBvuYi
— Ahmed Says (@AhmedGT_) January 22, 2026Also Read
शुभमन गिल को हाल ही में भारतीय टेस्ट टीम की कप्तानी सौंपी गई है. व्हाइट-बॉल क्रिकेट में उनके प्रदर्शन ने भरोसा दिलाया, लेकिन रेड-बॉल क्रिकेट में लगातार असफलताएं चिंता बढ़ा रही हैं. रणजी ट्रॉफी जैसे मंच पर फ्लॉप होना चयनकर्ताओं के लिए भी सोचने का विषय है. आलोचक मानने लगे हैं कि गिल पर कप्तानी का दबाव उनके खेल पर असर डाल रहा है.
इस मैच में अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा भी बल्ले से खास योगदान नहीं दे सके. जडेजा ने सिर्फ सात रन बनाए और जल्दी आउट हो गए. हालांकि गेंदबाजी में उन्होंने दो विकेट झटककर टीम को राहत दी. इसके बावजूद पंजाब की बल्लेबाजी कमजोर साबित हुई और सौराष्ट्र ने मैच में बढ़त हासिल कर ली.
गिल की नाकामी के बीच पूर्व भारतीय बल्लेबाज मनोज तिवारी का बयान चर्चा में आ गया. उन्होंने वनडे कप्तानी को लेकर कहा कि रोहित शर्मा को हटाना सही फैसला नहीं था. तिवारी के मुताबिक, अगर रोहित कप्तान रहते तो हालिया नतीजे अलग हो सकते थे. यह बयान ऐसे समय आया है, जब गिल की कप्तानी और फॉर्म दोनों पर सवाल उठ रहे हैं.
अब सभी निगाहें पंजाब की दूसरी पारी पर होंगी. शुभमन गिल के पास आलोचनाओं को शांत करने का मौका है. एक मजबूत पारी न सिर्फ टीम को वापसी दिला सकती है, बल्कि यह भी साबित कर सकती है कि गिल दबाव में निखरने वाले खिलाड़ी हैं. रणजी ट्रॉफी का यह मुकाबला उनके लिए सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि साख बचाने की परीक्षा बन चुका है.