नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज श्रेयस अय्यर ने चोट से उबरने के बाद क्रिकेट के मैदान पर जोरदार वापसी की है. विजय हजारे ट्रॉफी में हिमाचल प्रदेश के खिलाफ खेले गए मुकाबले में उन्होंने ऐसी बल्लेबाजी की, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. अय्यर ने वनडे मैच में टी20 जैसी आक्रामक पारी खेलते हुए यह साबित कर दिया कि वह पूरी तरह फिट होकर लौटे हैं.
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान लगी गंभीर चोट के कारण श्रेयस अय्यर लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रहे. चोट इतनी गंभीर थी कि उन्हें इलाज के लिए आईसीयू में भी रहना पड़ा. इसके बाद उन्होंने बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में कड़ा रिहैब किया. कई हफ्तों की मेहनत के बाद मेडिकल टीम से हरी झंडी मिलने पर अय्यर ने घरेलू क्रिकेट से वापसी की.
मैच में मुंबई की शुरुआत कुछ खास नहीं रही थी. शुरुआती विकेट जल्दी गिरने के बाद टीम दबाव में थी. ऐसे समय में श्रेयस अय्यर क्रीज पर आए और जिम्मेदारी संभाली. उन्होंने संयम और आक्रामकता का शानदार संतुलन दिखाते हुए तेजी से रन बनाए.
अय्यर ने 53 गेंदों में 82 रन की जबरदस्त पारी खेली, जिसमें कई आकर्षक चौके और लंबे छक्के शामिल थे. उनकी बल्लेबाजी इतनी तेज थी कि वनडे मैच टी20 जैसा नजर आने लगा.
श्रेयस अय्यर ने युवा बल्लेबाज मुशीर खान के साथ अहम साझेदारी की, जिससे मुंबई की पारी मजबूत हुई. इसके बाद सूर्यकुमार यादव के साथ भी उन्होंने तेजी से रन बटोरे और विपक्षी गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा. अय्यर भले ही शतक से चूक गए, लेकिन उनकी पारी टीम के लिए बेहद अहम साबित हुई.
इस शानदार प्रदर्शन के साथ श्रेयस अय्यर ने यह साफ संकेत दे दिया है कि वह फिर से बड़े मंच के लिए तैयार हैं. उन्हें आगामी न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम में उप-कप्तान भी बनाया गया है. हालांकि, उन्हें घरेलू टूर्नामेंट के बाकी मैचों में अपनी फिटनेस और फॉर्म बरकरार रखनी होगी.
कुल मिलाकर श्रेयस अय्यर की यह पारी सिर्फ रन बनाने तक सीमित नहीं थी, बल्कि यह उनके आत्मविश्वास, मेहनत और जज्बे की कहानी भी थी. चोट के बाद इस तरह की वापसी हर खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होती लेकिन अय्यर ने अपने प्रदर्शन से यह साबित कर दिया कि वह भारतीय क्रिकेट के मजबूत स्तंभ हैं.