नई दिल्ली: देवदत्त पडिक्कल ने विजय हजारे ट्रॉफी में अपनी शानदार फॉर्म को लगातार जारी रखते हुए इतिहास रच दिया है. मंगलवार को अहमदाबाद के गुजरात कॉलेज ग्राउंड पर कर्नाटक और राजस्थान के बीच हुए एलिट ग्रुप ए मैच में पडिक्कल ने अपनी उम्दा बल्लेबाजी का जलवा दिखाया.
इस पारी के साथ देवदत्त पडिक्कल तीन अलग-अलग सीजनों में 600 या उससे अधिक रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी बन गए. यह उपलब्धि उन्हें भारत की घरेलू वनडे प्रतियोगिता में सबसे लगातार और भरोसेमंद बल्लेबाजों में गिनती कराती है.
पडिक्कल ने इस टूर्नामेंट में पहली बार 2019–20 सीजन में अपनी पहचान बनाई थी. उस सीजन में उन्होंने 11 मैचों में 609 रन बनाए और रन स्कोरिंग चार्ट में शीर्ष स्थान हासिल किया.
इसके बाद 2020–21 सीजन में उन्होंने अपना स्तर और भी ऊँचा कर दिया. सिर्फ सात पारियों में 737 रन बनाए औसत 147.40 रहा और चार शतक जमाए. इस प्रदर्शन ने उन्हें 50-ओवर क्रिकेट में एक विशेष खिलाड़ी के रूप में स्थापित किया.
वर्तमान 2025–26 सीजन में भी पडिक्कल ने अपनी निरंतरता दिखाई. इस सीजन में उन्होंने कई शानदार पारियां खेली, जिनमें 147, 124 और 113 रन की ताबड़तोड़ पारियां शामिल हैं. इस प्रदर्शन से यह साफ है कि वह किसी भी मैदान और परिस्थितियों में बड़ी पारी खेल सकते हैं.
राजस्थान के खिलाफ मैच में पडिक्कल ने 82 गेंदों पर 91 रन बनाए, जिसमें 12 चौके और 2 छक्के शामिल थे. उन्होंने कप्तान मयंक अग्रवाल के साथ 184 रन की मजबूत साझेदारी कर कर्नाटक की पारी की नींव रखी.
पडिक्कल ने दो टेस्ट और दो टी20 इंटरनेशनल मैच भी खेल चुके हैं. उन्हें 2026 के इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के लिए खेलने का मौका मिलेगा. पिछले सीजन में चोट के कारण वह बीच में बाहर हो गए थे लेकिन इस शानदार सीजन के बाद वह भारतीय टीम में अपनी जगह दोबारा बनाने का प्रयास करेंगे.
हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ 11 जनवरी से शुरु होने वाली वनडे सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान हुआ था. हालांकि, पडिक्कल को टीम में जगह नहीं मिली थी. ऐसे में उन्होंने बल्ले से एक बार फिर रन बनाकर सेलेक्टर्स को सीधा संदेश दिया है.