ऐसा लग रहा है कि जैसे भारतीय क्रिकेट टीम की हार का दौर शुरु हो चुका है. क्योंकि T20 सीरीज के बाद भारतीय टीम को वनडे सीरीज में भी इंग्लैंड से मुंह की खानी पड़ी. हालांकि भारतीय फैंस उसके बाद भी संतुष्ट दिखाई दिए, क्योंकि उनके चहेते खिलाड़ी रोहित शर्मा और विराट कोहली के बल्ले से शानदार रन आए. संन्यास की अफवाहों के बीच रोहित के बल्ले से आक्रामक शतक ने आलोचकों का मुंह बंद करवाया.
मुकाबले के बाद उन्होंने संन्यास को लेकर चल रही चर्चाओं पर खुलकर अपनी बात रखी. रोहित ने साफ कहा कि बाहरी शोर उनके खेल को प्रभावित नहीं करता और उनका पूरा फोकस सिर्फ भारत के लिए अच्छा प्रदर्शन करने पर है.
मैच के बाद रोहित शर्मा ने कहा कि उनका काम सिर्फ मैदान पर प्रदर्शन करना है. उन्होंने BCCI से कहा कि, 'बल्लेबाजी करना मेरा काम है. मैं आता हूं, खेलता हूं और अपने देश का प्रतिनिधित्व करता हूं. मेरे डेब्यू के समय से ही उनके बारे में तरह-तरह की बातें होती रही हैं और आगे भी होती रहेंगी. मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। मेरे लिए मायने रखता है कि मैं मैदान पर क्या करता हूं. मैं टीम की सफलता में योगदान देना चाहता हूं और मेरा पूरा ध्यान इसी पर है.'
रोहित शर्मा ने कहा कि मैदान के बाहर क्या चर्चा चल रही है, उससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता. उन्होंने कहा कि लोगों का काम बातें करना है और उनका काम क्रिकेट खेलना. उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि शोर-शराबा खेल का हिस्सा है, लेकिन उनकी पूरी ऊर्जा सिर्फ अपने प्रदर्शन और टीम की जरूरतों पर रहती है. फिलहाल हिटमैन के इस बयान ने संन्यास की अटकलों पर फिलहाल विराम लगा दिया.
इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 387 रन बनाए और भारत के सामने बड़ा लक्ष्य रखा. जवाब में रोहित शर्मा ने 110 गेंद में 138 रन बनाकर शानदार बल्लेबाजी की. उनकी पारी ने भारत को मजबूत शुरुआत दी और मुकाबले में बनाए रखा. हालांकि बाकी बल्लेबाज उस लय को आगे नहीं बढ़ा सके और टीम को हार का सामना करना पड़ा.
रोहित शर्मा ने विराट कोहली के साथ अपनी समझ और तालमेल की भी खुलकर तारीफ की. दोनों बल्लेबाजों ने इस मुकाबले में 113 रन की अहम साझेदारी निभाई. रोहित ने कहा कि लंबे समय से साथ खेलने के कारण दोनों एक-दूसरे के खेल को अच्छी तरह समझते हैं. बल्लेबाजी के दौरान लगातार बातचीत होती है, जिससे सही फैसले लेने में मदद मिलती है.