Rishabh Pant: भारत के टेस्ट उप-कप्तान और स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने हाल ही में अपनी चोट को लेकर गुस्सा और निराशा जाहिर की है. उन्होंने अपने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर अपने प्लास्टर में लिपटे बाएं पैर की तस्वीर शेयर की और इसके साथ लिखा, "मुझे इससे बहुत नफरत है."
यह चोट उन्हें भारत और इंग्लैंड के बीच मैनचेस्टर में खेले जा रहे चौथे टेस्ट मैच के पहले दिन लगी थी. हालांकि, इसके बाद वे बल्लेबाजी के लिए आए थे और अर्धशतक लगाया था. ऐसे में टीम इंडिया इस मुकाबले में ड्रॉ कर सकी थी.
मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में खेले जा रहे टेस्ट मैच के पहले दिन ऋषभ पंत को गेंद उनके बाएं पैर पर लगी, जिसके बाद उन्हें दर्द के कारण मैदान छोड़ना पड़ा. उन्हें गोल्फ कार्ट पर मैदान से बाहर ले जाया गया. बीसीसीआई की मेडिकल टीम ने देर रात हुई जांच के बाद बताया कि पंत को कम से कम छह हफ्तों के आराम की जरूरत है. इस चोट ने न केवल पंत को परेशान किया, बल्कि भारतीय टीम के लिए भी एक बड़ा झटका साबित हुआ.
चोट के बावजूद ऋषभ पंत ने हार नहीं मानी. पहले दिन 37 रन बनाकर रिटायर्ड हर्ट होने के बाद, वह फिर से बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतरे. पूरी तरह तैयार होकर, लंगड़ाते हुए सीढ़ियां उतरकर पंत ने अपनी पारी को आगे बढ़ाया और 75 गेंदों में 54 रनों की शानदार पारी खेली. उनकी इस हिम्मत भरी पारी ने न केवल दर्शकों का दिल जीता, बल्कि भारतीय टीम को मुश्किल स्थिति से उबारने में भी मदद की.
भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने पंत की इस पारी को ऐतिहासिक बताया. उन्होंने कहा, "पंत ने जो किया, वह भारतीय टीम के लिए एक मिसाल है. टूटे हुए पैर के साथ बल्लेबाजी करना कोई छोटी बात नहीं है. उनकी इस हिम्मत को आने वाली पीढ़ियां याद रखेंगी." गंभीर ने यह भी कहा कि इस तरह की पारी से टीम का हौसला बढ़ता है और यह मैच, जो ड्रॉ रहा पंत की हिम्मत के कारण यादगार बन गया.