नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत की ऊर्जा आपूर्ति को बनाए रखने का प्रयास जारी है. बुधवार को भारतीय ध्वज वाला टैंकर 'जग लाडकी' गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर पहुंचा, जिसमें बड़ी मात्रा में कच्चा तेल लाया गया.
इससे पहले भी एलपीजी से भरे जहाज सुरक्षित रूप से भारत के अलग-अलग बंदरगाहों पर पहुंचे थे. मौजूदा हालात में जब होर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही प्रभावित है, इन जहाजों का सुरक्षित पहुंचना भारत के लिए अहम माना जा रहा है.
'जग लाडकी' नाम का यह विशाल टैंकर करीब 80,886 मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर मुंद्रा बंदरगाह पहुंचा. इसकी लंबाई 274 मीटर से अधिक है और यह बड़ी क्षमता वाला जहाज माना जाता है. अधिकारियों के अनुसार, इस टैंकर के सुरक्षित आगमन से भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी.
एक दिन पहले 'नंदा देवी' नाम का एलपीजी जहाज वडीनार बंदरगाह पहुंचा, जिसमें 46,500 मीट्रिक टन गैस थी. इससे पहले 'शिवालिक' नाम का जहाज भी मुंद्रा पहुंच चुका है. इन जहाजों ने होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर यात्रा की, जो इस समय संवेदनशील क्षेत्र बना हुआ है.
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधाएं आई हैं, जिससे तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है. भारत अपनी जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए ऐसी परिस्थितियों में वैकल्पिक स्रोतों की तलाश भी की जा रही है.
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे समय में बड़े बंदरगाहों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है. मुंद्रा बंदरगाह ने सुरक्षित तरीके से इन जहाजों को संभालकर देश की ऊर्जा आपूर्ति को बनाए रखने में अहम योगदान दिया है. सरकार और कंपनियां मिलकर सप्लाई चेन को स्थिर रखने की कोशिश कर रही हैं.
भारत अपने व्यापारिक हितों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ऑपरेशन संकल्प के तहत संवेदनशील समुद्री क्षेत्रों में लगातार सक्रिय बना हुआ है. इस अभियान के जरिए भारतीय नौसेना अहम जलमार्गों पर अपनी मजबूत उपस्थिति बनाए रखे हुए है, ताकि व्यापारिक जहाजों की आवाजाही बिना किसी बाधा के जारी रह सके.