नई दिल्ली: विराट कोहली की डिफेंडिंग चैंपियन RCB ने न सिर्फ अपना टाइटल डिफेंड किया है बल्कि एक नए अध्याय का शुभारंभ किया है. रविवार की शाम रजत पाटीदार की कप्तानी में आरसीबी ने अपना दूसरा IPL खिताब अपने नाम किया. IPL 2026 का खिताब जीतने के बाद रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) सिर्फ एक चैंपियन टीम नहीं, बल्कि एक नई सोच का उदाहरण बनकर सामने आई है.
वर्षों तक ट्रॉफी का इंतजार करने वाली इस फ्रेंचाइजी ने पिछले दो सीजन में ऐसा बदलाव दिखाया है, जिसने टीम की पहचान ही बदल दी. कभी सिर्फ कुछ बड़े सितारों पर निर्भर रहने वाली RCB अब एक संतुलित और मजबूत यूनिट बन चुकी है, जहां हर खिलाड़ी अपनी भूमिका को बखूबी निभा रहा है. RCB के इस युग में टीम का हर खिलाड़ी टीम की जरूरत के अनुसार प्रदर्शन करता है.
लगातार दूसरी बार IPL ट्रॉफी जीतने के बाद कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) ने भी माना कि अब टीम का भार केवल कुछ खिलाड़ियों के कंधों पर नहीं है। यही वजह है कि RCB ने 2025 और 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताबी सफलता हासिल की।
कई सालों तक RCB की सबसे बड़ी कमजोरी उसकी गेंदबाजी मानी जाती थी. लेकिन टीम प्रबंधन और कप्तान रजत पाटीदार (Rajat Patidar) ने इस विभाग को मजबूत बनाने पर खासा ध्यान दिया. नतीजा यह रहा कि पिछले दो सीजन में टीम के तेज गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया.
साथ ही भुवनेश्वर कुमार (Bhuvneshwar Kumar) और जोश हेजलवुड (Josh Hazlewood) जैसे अनुभवी गेंदबाजों ने टीम को मजबूती दी, जबकि युवा तेज गेंदबाज रसिख सलाम (Rasikh Salam) ने भी अपनी छाप छोड़ी. इन गेंदबाजों ने लगातार विकेट निकालकर विपक्षी टीम को मुश्किल में डाला. इनकी बदौलत ही RCB ने कई मैच में जीत दर्ज की.
पिछले साल से पहले RCB की कहानी थी कि टीम केवल अपने स्टार बल्लेबाजों पर ही टिकी थी. अगर उनका बल्ला चला तो और अगर आउट हुए तो उसका खामियाजा पूरी टीम को भुगतना पड़ता था. हालांकि अब ऐसा नहीं है. अब आरसीबी की बल्लेबाजी केवल विराट कोहली तक सीमित नहीं रही. कोहली ने पूरे सीजन में रन बनाए, लेकिन उनके साथ कई खिलाड़ियों ने ये जिम्मेदारी संभाली.
कप्तान रजत पाटीदार ने आक्रामक बल्लेबाजी की, जबकि देवदत्त पडिक्कल (Devdutt Padikkal), टिम डेविड (Tim David) और वेंकटेश अय्यर (Venkatesh Iyer) ने जरूरत पड़ने पर मैच जिताने वाली पारियां खेलीं.