नई दिल्ली: लगातार दूसरी बार आईपीएल ट्रॉफी अपने नाम कर RCB ने इतिहास रच दिया है. RCB के कप्तान रजत पाटीदार अब उन कप्तानों की फेहिरस्त में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने दो लगातार सीजन में ट्रॉफी अपने नाम की है. गत साल की चैंपियन RCB ने इस साल भी ट्रॉफी अपने पास ही रखी है. खिताबी मुकाबले में बैंगलोर ने गुजरात को हराकर आईपीएल ट्रॉफी पर एक बार फिर से कब्जा जमा लिया है.
बता दें कि रजत पाटीदार से पहले मुंबई इंडियंस के कप्तान रोहित शर्मा और चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ये कारनामा कर चुके हैं. जहां रोहित शर्मा ने साल 2019 और 2020 में MI को दो लगातार ट्रॉफी दिलाई थी, वही महेंद्र सिंह धोनी ने साल 2010 और 2011 में लगातार चेन्नई को चैंपियन बनाया था.
रजत पाटीदार RCB के लिए किस तरह लकी चार्म साबित होते हुए हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने बीते साल 2025 में ही टीम की कमान संभाली थी और उसी साला टीम को चैंपियन बनाया और अब एक बार फिर ट्रॉफी रिपीट कर उन्होंने साबित कर दिया है कि टीम नेतृत्व का उनका अनुभव महज तुक्का नहीं बल्कि व्यवहारिक अनुभव है.
रजत पाटीदार RCB के लिए किस तरह लकी चार्म साबित होते हुए हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने बीते साल 2025 में ही टीम की कमान संभाली थी और उसी साला टीम को चैंपियन बनाया और अब एक बार फिर ट्रॉफी रिपीट कर उन्होंने साबित कर दिया है कि टीम नेतृत्व का उनका अनुभव महज तुक्का नहीं बल्कि व्यवहारिक अनुभव है.
साल 2025 में जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने सन राइज़र्स हैदराबाद को हराकर ट्रॉफी अपने नाम की थी, वही इस सीजन में टीम ने गुजरात टाइटंस को उनके ही घर में हराकर ट्रॉफी अपने नाम कर ली. आज के खिताबी मुकाबले में RCB ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी का फैसला किया और RCB के गेंदबाज़ों ने कप्तान रजत के इस फैसले को सही साबित किया.
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी गुजरात के बल्लेबाज़ों ने अपनी बल्लेबाजी से काफी निराश किया और टीम निर्धारित 20 ओवरों में 155 रन ही बना सकी. बेंगलुरु के गेंदबाजों ने पुरे मैच में अपनी पकड़ बनाए रखी और GT के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया, लिहाजा टीम स्कोरबोर्ड पर बड़ा स्कोर टांगने में नाकाम रही.
लक्ष्य का पीछा करने उत्तरी RCB को विराट कोहली और वेंकटेश अय्यर ने तेज शुरुआत दिलाई. हालांकि देवदत्त पडिकल और रजत पाटीदार आज सस्ते में आउट हो गए, लेकिन एक छोर से कोहली ने गेंदबाज़ों की खबर लेनी नहीं छोड़ी और अंत में विजयी छक्का लगाकर ही मैदान से लौटे. कोहली ने इस खिताबी मुकाबले में एक बार फिर अपनी क्लास का परिचय दिया और अपने आईपीएल करियर की सबसे तेज फिफ्टी भी जड़ी.