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India Daily

'होम टेस्ट सिर्फ इसलिए न कहें...', वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली गई घरेलू सीरीज पर अश्विन ने क्यों दिया ये अजीबोगरीब बयान

Ravichandran Ashwin: भारत के पूर्व दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ समाप्त हुई टेस्ट सीरीज को लेकर एक बयान दिया है. उन्होंने अहमदाबाद को होम टेस्ट वेन्यू नहीं माना है और इसके पीछे का कारण भी बताया है.

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'होम टेस्ट सिर्फ इसलिए न कहें...', वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली गई घरेलू सीरीज पर अश्विन ने क्यों दिया ये अजीबोगरीब बयान
Courtesy: X

Ravichandran Ashwin: भारतीय क्रिकेट टीम ने हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज खेली. इस सीरीज के बाद भारत के पूर्व दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने इस सीरीज के बाद एक अनोखा और थोड़ा विवादास्पद बयान दिया है. उनका मानना है कि भारत में अलग-अलग जगहों पर टेस्ट मैच खेलने से भारतीय टीम को हमेशा घरेलू फायदा नहीं मिलता. 

अश्विन का कहना है कि भारत जैसे विशाल देश में हर मैदान की पिच और परिस्थितियां एक-दूसरे से बिल्कुल अलग होती हैं. उदाहरण के लिए अहमदाबाद और नई दिल्ली में हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए टेस्ट मैचों की तुलना करें तो दोनों जगहों की पिचों का व्यवहार अलग था. इसके अलावा भारत को कोलकाता और गुवाहाटी जैसे शहरों में भी टेस्ट मैच खेलने हैं, जहां टीम नियमित रूप से रेड-बॉल क्रिकेट नहीं खेलती. 

रविचंद्रन अश्विन ने दिया बड़ा बयान

अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए कहा, "गुवाहाटी में जब हम साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेलेंगे, तो शायद भारत अच्छा प्रदर्शन करे. लेकिन सिर्फ इसलिए कि गुवाहाटी भारत का हिस्सा है. इसे सही मायने में होम गेम नहीं कह सकते. मेरे लिए यह भारत के अंदर एक अवे गेम जैसा है क्योंकि हमने वहां ज्यादा टेस्ट मैच नहीं खेले हैं."

तय टेस्ट सेंटर क्यों जरूरी?

अश्विन ने सुझाव दिया कि भारत को कुछ चुनिंदा टेस्ट सेंटर तय करने चाहिए, जहां नियमित रूप से अंतरराष्ट्रीय मैच खेले जाएं. इससे भारतीय खिलाड़ियों को उन मैदानों की परिस्थितियों की बेहतर समझ होगी और वे घरेलू फायदे का पूरा इस्तेमाल कर पाएंगे. 

अश्विन ने कहा, "जब हम साउथ अफ्रीका जाते हैं, तो हमें ज्यादातर एक ही तरह के मैदानों पर खेलना पड़ता है लेकिन भारत में हम कई अलग-अलग टेस्ट सेंटरों पर खेलते हैं, जिससे यह हमेशा घर जैसा नहीं लगता."

भारत के लिए क्या है समाधान?

अश्विन का मानना है कि अगर भारत कुछ तय टेस्ट सेंटर बनाए, जैसे चेन्नई, मुंबई, बेंगलुरु या दिल्ली, तो खिलाड़ियों को वहां की पिचों और मौसम की बेहतर जानकारी होगी. इससे न सिर्फ भारतीय टीम को फायदा होगा बल्कि मेहमान टीमें भी इन परिस्थितियों का सामना करने के लिए बेहतर तैयार होंगी.