इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में पाकिस्तान की बल्लेबाजी की शुरुआत ने टीम की परेशानी बढ़ा दी. तीन मैचों में पाकिस्तान ने ओपनिंग के लिए तीन अलग-अलग जोड़ियां उतारीं, लेकिन कोई भी साझेदारी 10 रन तक नहीं पहुंच सकी. छह पारियों में शुरुआती बल्लेबाजों ने मिलकर सिर्फ 20 रन जोड़े. एजबेस्टन में खेले गए तीसरे टेस्ट की दूसरी पारी में तो दोनों ओपनर बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए. इस खराब प्रदर्शन ने पाकिस्तान के लिए अनचाहा रिकॉर्ड भी बना दिया.
पाकिस्तान ने पूरी सीरीज में ओपनिंग संयोजन लगातार बदला. पहले टेस्ट में अजान अवैस और इमाम-उल-हक दोनों पारियों में बिना साझेदारी बनाए लौटे. दूसरे टेस्ट में अजान और शान मसूद ने पांच और सात रन जोड़े. तीसरे टेस्ट में अजान और सईम अयूब की पहली पारी की साझेदारी आठ रन रही, जबकि दूसरी पारी में दोनों खाता नहीं खोल सके.
छह पारियों की इन साझेदारियों का कुल स्कोर सिर्फ 20 रन रहा. 1990-91 में वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू सीरीज के बाद यह किसी टेस्ट सीरीज में पाकिस्तान के ओपनर्स का सबसे खराब प्रदर्शन है. इस दौरान उनकी सबसे बड़ी साझेदारी केवल आठ रन की रही. शुरुआत में ही विकेट गिरने से पाकिस्तान का मध्यक्रम हर पारी में दबाव में आ गया.
पाकिस्तान के युवा बल्लेबाज अजान अवैस इस सीरीज में अपने बाकी ओपनिंग साथियों से बेहतर रहे. उन्होंने छह पारियों में 21.50 की औसत से 129 रन बनाए. इसके मुकाबले इमाम-उल-हक ने 42 और शून्य, शान मसूद ने एक और 26 रन बनाए. सईम अयूब भी ओपनर के रूप में दोनों पारियों में खाता नहीं खोल सके. ऐसे में अजान को दूसरे छोर से पर्याप्त सहयोग नहीं मिला.
तीसरे टेस्ट में पाकिस्तान की ओपनिंग की कमजोरी पूरी टीम की बल्लेबाजी में भी नजर आई. पहली पारी में टीम केवल 133 रन पर सिमट गई. पाकिस्तान के शीर्ष पांच बल्लेबाजों में से सभी सिंगल-डिजिट स्कोर पर आउट हुए. यह पहली बार था जब इंग्लैंड में किसी टेस्ट मैच की पहली पारी में किसी टीम के शीर्ष पांच बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा छुए बिना पवेलियन लौटे.