Asian Games के लिए भारतीय वुशु एथलीट में चयन के बाद दिव्यांशी को 60 किग्रा सांडा वर्ग से हटा दिया गया. जिस कारण उन्होंने आत्महत्या की धमकी तक दे डाली. वुशु फेडरेशन ने मेडिकल जांच में ACL चोट को इसका कारण बताया है. वहीं, उनके कोच अशोक गौतम ने इस दावे पर सवाल उठाए हैं. दिव्यांशी ने 11 सितंबर को जारी वीडियो में कहा कि उन्हें लंबे समय से मानसिक परेशानी झेलनी पड़ रही थी. उन्होंने टीम से हटाए जाने की प्रक्रिया और अधिकारियों के रवैये पर भी गंभीर सवाल खड़े किए.
बता दें जब दिव्यांशी को टीम से बाहर किया गया तो उन्होंने टीम के अंतिम समय में आत्महत्या की धमकी भी दी है. दिव्यांशी का दावा है कि जापान रवाना होने से कुछ दिन पहले उनका नाम टीम से हटा दिया गया. उनकी जगह रोशिबिना देवी को शामिल किया गया, जोकि 2022 एशियन गेम्स की रजत पदक विजेता हैं. दिव्यांशी के मुताबिक उन्होंने चयन ट्रायल में रोशिबिना को हराया था. उनका कहना है कि उन्हें फैसले की जानकारी समय पर नहीं दी गई और मेडिकल रिपोर्ट रखने का अवसर भी नहीं मिला.
वुशु फेडरेशन के अनुसार मेडिकल जांच में दिव्यांशी के ACL में चोट सामने आई थी. फेडरेशन का कहना है कि वह एशियन गेम्स से पहले पूरी तरह ट्रेनिंग भी नहीं कर रही थीं. हालांकि, कोच अशोक गौतम ने इस दलील का विरोध किया है. उनका कहना है कि चोट इतनी गंभीर नहीं थी कि दिव्यांशी को प्रतियोगिता से बाहर किया जाए. उन्होंने अंतिम समय में टीम बदलने के फैसले पर भी सवाल उठाया.
पटियाला के नेशनल कैंप से सामने आए वीडियो में दिव्यांशी ने कहा कि उन्हें जून और जुलाई से मानसिक दबाव का सामना करना पड़ रहा था. उन्होंने अधिकारियों से अपनी बात रखने और मेडिकल रिपोर्ट दिखाने का मौका नहीं मिलने की शिकायत की. वीडियो में उन्होंने अपनी स्थिति को लेकर गहरी निराशा जताई और आत्महत्या की धमकी भी दी. उनके आरोपों के बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया है.
दिव्यांशी ने ट्रेनिंग के दौरान रोशिबिना देवी पर जान बूझकर चोट पहुंचाने का आरोप लगाया है. उनके अनुसार यह घटना श्रीनगर में टीम कैंप के दौरान हुई थी, जहां वह एशियन गेम्स की तैयारी कर रही थीं. हालांकि, ये आरोप दिव्यांशी के दावे हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है. विवाद के बीच फेडरेशन और कोच के अलग अलग दावों ने चयन प्रक्रिया को लेकर सवाल और बढ़ा दिए हैं.