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India Daily

नेमार का 'LAST DANCE', 2026 वर्ल्ड कप में आखिरी चांस, नहीं तो 'जोगा बोनिटो' को हमेशा के लिए कहना होगा अलविदा

2026 वर्ल्ड कप शायद नेमार के करियर का आखिरी बड़ा मंच हो, जहां इतिहास, उम्मीद और विरासत दांव पर होगी.

Ashutosh
Edited By: Ashutosh Rai
नेमार का 'LAST DANCE', 2026 वर्ल्ड कप में आखिरी चांस, नहीं तो 'जोगा बोनिटो' को हमेशा के लिए कहना होगा अलविदा
Courtesy: X

ब्राजीलियाई फुटबॉल की कहानी में कुछ नाम ऐसे हैं जो सिर्फ खिलाड़ी नहीं बल्कि एक युग का प्रतीक बन जाते हैं. नेमार उन्हीं नामों में शामिल हैं. कभी उन्हें पेले और रोनाल्डो की विरासत को आगे बढ़ाने वाला अगला सुपरस्टार माना गया था. शानदार ड्रिब्लिंग, अद्भुत गोल और करोड़ों प्रशंसकों की उम्मीदों के साथ उन्होंने दुनिया भर में पहचान बनाई. अब 2026 फीफा वर्ल्ड कप की ओर बढ़ते हुए सवाल यह है कि क्या नेमार आखिरी बार ब्राजील को गौरव दिलाने का सपना पूरा कर पाएंगे.

सुनहरे सपनों के साथ शुरू हुई कहानी

साल 2011 में जब ब्राजील अपने अगले फुटबॉल नायक की तलाश कर रहा था, तब एक युवा खिलाड़ी ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया. सैंटोस क्लब से निकलकर आए नेमार ने अपनी गति, तकनीक और आत्मविश्वास से पूरे देश को प्रभावित कर दिया. उस दौर में रोनाल्डिन्हो जैसे दिग्गज खिलाड़ियों की चर्चा होती थी लेकिन धीरे-धीरे नेमार नई पीढ़ी का चेहरा बन गए. एक यादगार मैच में उन्होंने जिस तरह कई डिफेंडरों को छकाते हुए गोल किया. उसने फुटबॉल प्रेमियों को यह विश्वास दिला दिया कि ब्राजील को अपना अगला सुपरस्टार मिल चुका है. देखते ही देखते नेमार सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की उम्मीद बन गए.

टूट गया सपना

ब्राजील ने पिछले दो दशकों में कई बार विश्व फुटबॉल के शिखर पर लौटने की कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली. ऐसे में हर उम्मीद नेमार पर टिक गई. 2014 का वर्ल्ड कप उनके लिए और पूरे देश के लिए बेहद खास था. टूर्नामेंट ब्राजील की धरती पर खेला जा रहा था. कोलंबिया के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में लगी गंभीर चोट ने सब कुछ बदल दिया. रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर के कारण उनका टूर्नामेंट खत्म हो गया. कुछ दिनों बाद जर्मनी के खिलाफ 7-1 की ऐतिहासिक हार ने पूरे देश को झकझोर दिया. उस समय हर फुटबॉल फैन के मन में ये सवाल था कि अगर पिच पर नेमार होते तो क्या कुछ बदल जाता.

चोटों ने नहीं छोड़ा पीछा

नेमार का फुटबॉल सफर उपलब्धियों से भरा रहा है. बार्सिलोना में लियोनेल मेसी और लुइस सुआरेज के साथ उनकी मशहूर तिकड़ी ने दुनिया भर में धमाल मचाया. चैंपियंस लीग जीतने से लेकर पेरिस सेंट-जर्मेन में रिकॉर्ड ट्रांसफर तक उन्होंने कई बड़े मुकाम हासिल किए. हालांकि दूसरी ओर चोटें लगातार उनके रास्ते में आती रहीं. जब भी लगा कि वह अपने करियर के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचने वाले हैं, कोई न कोई शारीरिक समस्या सामने आ गई. टखनों की चोट, मांसपेशियों की परेशानी और लंबे रिकवरी पीरियड ने उनके करियर को कई बार प्रभावित किया.

क्या आखिरी वर्ल्ड कप में लिखेंगे नया इतिहास?

अब जब 2026 वर्ल्ड कप करीब है, तो नेमार का चयन ब्राजील में नई बहस को जन्म दे रहा है. आंकड़े बताते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने सीमित मैच खेले हैं और लगातार फिटनेस समस्याओं से जूझते रहे हैं. दूसरी ओर विनीसियस जूनियर और राफिन्हा जैसे युवा खिलाड़ी शानदार फॉर्म में हैं. फिर भी नए कोच कार्लो एंसेलोटी का मानना है कि नेमार अभी भी टीम के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं. अब वह पहले जैसे तेज विंगर नहीं रहे, बल्कि खेल को नियंत्रित करने वाले अनुभवी प्लेमेकर बन चुके हैं. यही कारण है कि ब्राजील एक बार फिर उनके अनुभव और समझ पर भरोसा कर रहा है. आने वाला वर्ल्ड कप शायद उनके करियर का अंतिम अध्याय हो, लेकिन यह अध्याय गौरवशाली भी बन सकता है. अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि क्या नेमार आखिरी बार जादू दिखाकर ब्राजील को छठा विश्व कप दिलाने के सपने के करीब पहुंचा पाएंगे या फिर यह खूबसूरत करियर विदाई के साथ समाप्त होगा.