चेन्नई: नॉर्वे शतरंज-2026 टूर्नामेंट में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद भारतीय ग्रैंडमास्टर रमेशबाबू प्रज्ञानानंद का तमिलनाडु में जोरदार स्वागत हुआ. वही जीत के बाद तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सोमवार को उनसे मुलाकात की और उन्हें सम्मानित किया.
मुख्यमंत्री विजय ने चेन्नई के चीफ सेक्रेटेरियट में आयोजित एक विशेष समारोह में ग्रैंडमास्टर प्रज्ञानानंद को तमिलनाडु स्पोर्ट्स डेवलपमेंट अथॉरिटी की ओर से 50 लाख रुपये की नकद पुरस्कार राशि प्रदान की. इस अवसर पर मुख्यमंत्री विजय ने युवा ग्रैंडमास्टर की प्रतिभा, दृढ़ता और अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनके संयम की सराहना करते हुए उन्हें एक स्मृति चिह्न भी भेंट किया.
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री विजय ने 20 वर्षीय प्रज्ञानानंद के साथ लगभग 15 मिनट तक शतरंज का एक मैत्रीपूर्ण खेल भी खेला. इस अनुभव को याद करते हुए प्रज्ञानानंद ने मीडिया से कहा, 'मुझसे शतरंज बोर्ड लाने को कहा गया था और मैंने मुख्यमंत्री के साथ खेल खेला. मुझे उम्मीद नहीं थी कि वे वास्तव में मेरे साथ शतरंज खेलेंगे. हम करीब 15 मिनट तक खेले और मैंने जीत हासिल की. वे बहुत सहयोगी और प्रोत्साहन देने वाले थे.'
#WATCH | Chennai | Tamil Nadu CM Vijay meets Indian Grandmaster R Praggnanandhaa and awards him Rs 50 lakh on behalf of the Sports Development Authority of Tamil Nadu after the chess player won the Norway Chess 2026 title.
— ANI (@ANI) June 8, 2026
(Source: TNDIPR) pic.twitter.com/Lf4dNgYrEX
प्रज्ञानानंद ने शुक्रवार को ओस्लो में नॉर्वे चेस 2026 का ताज अपने नाम किया, जब उन्होंने टूर्नामेंट के दसवें और अंतिम दौर में जर्मनी के विंसेंट कीमर को परास्त किया. चेन्नई में जन्मे इस ग्रैंडमास्टर ने अपने करियर की अब तक की सबसे बड़ी जीत में से एक हासिल की, जिसमें उन्होंने लगातार चार क्लासिकल मैच जीते. उन्होंने विश्व नंबर एक मैग्नस कार्लसन, मौजूदा विश्व चैंपियन डोम्माराजू गुकेश और विंसेंट कीमर जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ते हुए यह खिताब जीता.
इस सम्मान समारोह में लोक निर्माण एवं खेल विकास मंत्री आधव अर्जुन, तमिलनाडु स्पोर्ट्स डेवलपमेंट अथॉरिटी के सदस्य सचिव जे. मेघनाथ रेड्डी (आईएएस), प्रज्ञानानंद के माता-पिता और वरिष्ठ सरकारी अधिकारी उपस्थित रहे.
नॉर्वे चेस 2026 में पहले भारतीय विजेता बनने पर उद्योगपति गौतम अडानी और आनंद महिंद्रा ने भी प्रज्ञानानंद को उनके साहसी खेल और चुनौती स्वीकार करने की भावना की सराहना करते हुए बधाई दी.