भारत के स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा अब कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद लुसाने डायमंड लीग में खेलते दिखाई देंगे. वह अपनी अगली चुनौती के लिए तैयार हैं. कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीतने के बाद उनका आत्मविश्वास और बढ़ गया है और अब उनकी नजर डायमंड लीग में मजबूत प्रदर्शन करने पर है. यह प्रतियोगिता 21 अगस्त को स्विट्जरलैंड में आयोजित होगी. एशियाई खेलों से पहले नीरज के लिए यह अपनी फिटनेस परखने और लय हासिल करने का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है.
लुसाने डायमंड लीग में नीरज चोपड़ा का मुकाबला दुनिया के कई बड़े भाला फेंक खिलाड़ियों से होगा. प्रतियोगिता में पाकिस्तान के अरशद नदीम, ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स, जर्मनी के थॉमस रोहलर और जूलियन वेबर, अमेरिका के कर्टिस थॉम्पसन, चेकिया के जैकब वाडलेजच, स्विट्जरलैंड के साइमन विएलैंड, त्रिनिदाद और टोबैगो के केशोर्न वालकॉट, और श्रीलंका के रुमेश पथिरागे जैसे दिग्गज भी अपनी चुनौती पेश करेंगे.
नीरज इस सत्र में अपनी तीसरी डायमंड लीग प्रतियोगिता खेलेंगे. इससे पहले दोहा डायमंड लीग में उन्होंने 85.69 मीटर के थ्रो के साथ चौथा स्थान हासिल किया था. हाल ही में कॉमनवेल्थ गेम्स में 85.89 मीटर का अपना सर्वश्रेष्ठ मौसमी प्रदर्शन करते हुए उन्होंने रजत पदक जीता और शानदार वापसी के संकेत दिए.
पिछले साल पीठ की चोट के कारण नीरज कई अहम प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं ले सके थे. अब उन्होंने कहा है कि उनकी फिटनेस धीरे-धीरे बेहतर हो रही है. उनका मानना है कि एशियाई खेलों से पहले उन्हें अपनी लय और प्रदर्शन को और मजबूत करने का पर्याप्त समय मिलेगा.
लुसाने के बाद डायमंड लीग का अगला चरण 27 अगस्त को ज्यूरिख में खेला जाएगा. इसके बाद सितंबर की शुरुआत में ब्रुसेल्स में फाइनल आयोजित होगा. इन प्रतियोगिताओं के जरिए नीरज एशियाई खेलों से पहले अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना चाहेंगे.
21 अगस्त की प्रतियोगिता नीरज चोपड़ा के लिए केवल पदक की दौड़ नहीं, बल्कि अपनी फिटनेस और फॉर्म को परखने का भी अवसर होगी. मजबूत प्रतिद्वंद्वियों के बीच बेहतर प्रदर्शन उन्हें एशियाई खेलों के लिए आत्मविश्वास देगा. भारतीय खेल प्रेमियों की नजर अब इस मुकाबले पर टिकी रहेगी, जहां नीरज एक बार फिर अपनी क्षमता साबित करने उतरेंगे.