टीम इंडिया की बॉलिंग बैकबोन कहे जाने वाले यॉर्कर किंग जसप्रीत बुमराह अब टीम मैनेजमेंट को परेशान करने लग गई है. जिस कारण अब मैनेजमेंट टीम के लिए नए विकल्प तलाशने पर मजबूर हो गई है.
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से बाहर हुए बुमराह की जगह औकिब नबी को टीम में शामिल किया गया. वहीं घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करने वाले मोहम्मद शमी के लिए यह फैसला एक नई चुनौती लेकर आया है. अब शमी को टीम में वापसी के लिए खुद को फिर साबित करना होगा.
जसप्रीत बुमराह तीनों फॉर्मेट में भारत के सबसे भरोसेमंद तेज गेंदबाजों में शामिल हैं. हालांकि फिटनेस संबंधी समस्याओं के कारण वह लगातार सभी मुकाबलों में उपलब्ध नहीं रह पाते. इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में खेलने के बाद चोट के चलते उन्हें श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से बाहर होना पड़ा.
जिसके बाद BCCI ने औकिब नबी को टीम में शामिल करने का फैसला किया. हालांकि नबी के टीम में शामिल होने के बाद से शमी की टीम में एंट्री को लेकर एक बार फिर से सवाल खड़े हो गए हैं.
बता दें मोहम्मद शमी लंबे समय से भारतीय टीम से बाहर चल रहे हैं. हालांकि उन्होंने घरेलू क्रिकेट में प्रभावशाली प्रदर्शन किया है. पिछले 7 रणजी मुकाबलों में शमी ने 37 विकेट लिए और तीन बार पांच विकेट लेने का कारनामा किया. इसके बावजूद चयनकर्ता उनकी फिटनेस को लेकर पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं.
मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट के लिए शमी को पूरी तरह फिट साबित करना होगा. उनका प्रदर्शन शानदार रहा है, लेकिन लंबे फॉर्मेट की जरूरतों को देखते हुए फिटनेस सबसे बड़ी प्राथमिकता है. शमी को अब आगामी घरेलू टूर्नामेंटों में लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा.
औकिब नबी समेत युवा तेज गेंदबाजों के उभरने से शमी के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है. अब केवल अनुभव के आधार पर टीम में वापसी आसान नहीं होगी. अगर शमी टेस्ट क्रिकेट में लौटना चाहते हैं तो उन्हें अपनी फिटनेस और प्रदर्शन दोनों से चयनकर्ताओं का भरोसा जीतना होगा. भारतीय तेज गेंदबाजी में अब नए विकल्पों की तलाश तेज हो चुकी है.