भारतीय क्रिकेटर संजू सैमसन ने अपने करियर के सबसे चुनौतीपूर्ण दौर को याद करते हुए कई अहम खुलासे किए हैं. उन्होंने बताया कि टी20 विश्व कप 2026 के दौरान शुरुआती निराशा के बावजूद उन्होंने खुद पर भरोसा बनाए रखा. रोहित शर्मा की सलाह, मानसिक मजबूती और परिवार का साथ उनकी वापसी की सबसे बड़ी वजह बना.
संजू सैमसन ने बताया कि विश्व कप के शुरुआती मुकाबलों में टीम से बाहर रहने के बाद वह काफी निराश थे. इसी दौरान पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने उन्हें भरोसा दिलाया कि आगे चलकर उन्हें मौका जरूर मिलेगा. हालांकि उस समय उन्हें इस बात पर विश्वास नहीं हुआ. सैमसन के मुताबिक, वह उस दौर में खुद को असफल महसूस कर रहे थे और भविष्य को लेकर संशय में थे. बाद में जब उन्हें टीम में दोबारा मौका मिला, तब उन्हें रोहित शर्मा की बात का महत्व समझ आया.
संजू ने स्वीकार किया कि उस समय ईशान किशन लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे, जिससे टीम में उनकी जगह मजबूत होती जा रही थी. उन्होंने कहा कि जब किसी बल्लेबाज को लगातार मौके मिलते हैं और वह बड़ी पारियां खेलता है, तो चयनकर्ताओं का भरोसा उसी पर बढ़ना स्वाभाविक होता है. ऐसे हालात में उन्हें लगा था कि विश्व कप में आगे खेलने की उनकी उम्मीद लगभग खत्म हो चुकी है. इसके बावजूद उन्होंने निराश होने के बजाय टीम का समर्थन जारी रखा.
सैमसन ने बताया कि कठिन दौर में उन्होंने खुद से कई सवाल पूछे और अपने खेल के उद्देश्य को फिर से समझने की कोशिश की. उनका मानना है कि जब खिलाड़ी मानसिक रूप से मजबूत रहता है, तभी वह दबाव से बाहर निकल पाता है. उन्होंने अपने खेल से अधिक अपने मानसिक संतुलन पर काम किया, जिसका फायदा उन्हें आगे के मुकाबलों में मिला. इसी बदलाव ने उन्हें बड़े मैचों में बेहतर प्रदर्शन करने का आत्मविश्वास दिया.
संजू सैमसन ने अपनी पत्नी का भी विशेष रूप से जिक्र किया. उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी ने उन्हें समझाया कि केवल लंबे समय तक अभ्यास करना ही सफलता की गारंटी नहीं है, बल्कि खुश रहना और मानसिक रूप से संतुलित रहना भी उतना ही जरूरी है. सैमसन के अनुसार, इस सोच ने उनके करियर को नई दिशा दी. विश्व कप के अंतिम मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन कर उन्होंने भारत की खिताबी जीत में अहम योगदान दिया और साबित किया कि धैर्य, आत्मविश्वास और सही मार्गदर्शन किसी भी खिलाड़ी की सबसे बड़ी ताकत होते हैं.