अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में आयोजित FIFA World Cup 2026 फुटबॉल के साथ सुरक्षा चुनौतियों के कारण भी चर्चा में रहा. एक स्पेनिश मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि लियोनेल मेसी को टूर्नामेंट के दौरान कई गंभीर धमकियां मिलीं. क्रिस्टियानो रोनाल्डो और मैच अधिकारियों को भी निशाना बनाए जाने की जानकारी सामने आई है.
सामने आई सुरक्षा रिपोर्ट के मुताबिक, लियोनेल मेसी उन खिलाड़ियों में शामिल थे जिन्हें वर्ल्ड कप के दौरान सबसे ज्यादा खतरे वाली धमकियां मिलीं. डलास में अर्जेंटीना और जॉर्डन के मुकाबले से पहले एक व्यक्ति ने कथित तौर पर एयरपोर्ट पर संपर्क किया और दावा किया कि वह दो अन्य लोगों के साथ विस्फोटक और हथियार लेकर स्टेडियम जा रहा है. इस कथित धमकी में मेसी का नाम भी लिया गया। इसके अलावा, अटलांटा में अर्जेंटीना और मिस्र के मैच से पहले सोशल मीडिया पर एक यूजर की ओर से मेसी को निशाना बनाने की धमकी दिए जाने की बात रिपोर्ट में कही गई है. इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने स्टेडियम और आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ाई. एक अन्य कॉल में स्टेडियम के अंदर बम रखे होने का दावा किया गया, जिसके बाद विस्फोटक विशेषज्ञों और K-9 टीमों ने पूरे इलाके की जांच की.
सुरक्षा से जुड़े दस्तावेजों में सिर्फ मेसी का नाम नहीं था. रिपोर्ट के अनुसार, पुर्तगाल के स्टार क्रिस्टियानो रोनाल्डो की सुरक्षा को लेकर भी अधिकारियों को सतर्क रहना पड़ा. 14 जून को FIFA के एक कर्मचारी ने कथित तौर पर एक संदिग्ध व्यक्ति को रोनाल्डो के ठिकाने के बारे में जानकारी लेते हुए देखा था. इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और 16 जून को ह्यूस्टन पुलिस ने उस व्यक्ति की पहचान कर उसे उस होटल से गिरफ्तार किया, जहां पुर्तगाली टीम ठहरी हुई थी. इस दौरान मैच अधिकारियों को भी ऑनलाइन बदसलूकी और धमकियों का सामना करना पड़ा. रिपोर्ट में फ्रांस के रेफरी फ्रांस्वा लेटेक्सियर को 6,000 से ज्यादा WhatsApp संदेशों के जरिए धमकी मिलने का दावा किया गया है. इससे पता चलता है कि सुरक्षा का खतरा केवल खिलाड़ियों तक सीमित नहीं था. बड़े मैचों में फैसलों को लेकर सोशल मीडिया पर गुस्सा और लगातार आने वाले धमकी भरे संदेश भी अधिकारियों के लिए एक अलग चुनौती बन गए थे.
इन घटनाओं के बीच FIFA World Cup 2026 के लिए सुरक्षा एजेंसियों के बीच बड़े स्तर पर तालमेल किया गया था. रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाले देशों की सुरक्षा एजेंसियां FBI के साथ मिलकर संदिग्ध गतिविधियों, हिंसा की धमकियों और संभावित आतंकी खतरे पर नजर रख रही थीं. इस व्यवस्था में अलग-अलग देशों की पुलिस और सुरक्षा इकाइयां भी शामिल थीं. खिलाड़ियों के अलावा उनके परिवार, होटल, ट्रेनिंग सेंटर और मैच स्थलों को लेकर मिलने वाली सूचनाओं को भी जांच के दायरे में रखा गया. मेसी और रोनाल्डो जैसे दुनिया के सबसे चर्चित खिलाड़ियों की मौजूदगी ने सुरक्षा व्यवस्था को और चुनौतीपूर्ण बना दिया था, उनके आसपास फैंस और मीडिया की भारी भीड़ रहती है. रिपोर्ट में सामने आई घटनाएं यह बताती हैं कि इतने बड़े खेल आयोजन में मैदान के अंदर की सुरक्षा के साथ-साथ ऑनलाइन धमकियों और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना भी बेहद जरूरी था.