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India Daily

नीरज चोपड़ा के 10 साल बाद फिर चमका भारत का जैवलिन, आशीष यादव ने U20 वर्ल्ड चैंपियनशिप में जीता सिल्वर

आशीष यादव ने 2026 वर्ल्ड U20 चैंपियनशिप के पुरुष जैवलिन थ्रो में 74.09 मीटर के साथ सिल्वर मेडल जीता. वह नीरज चोपड़ा के बाद इस प्रतियोगिता में पदक जीतने वाले दूसरे भारतीय पुरुष बने.

Ashutosh
Edited By: Ashutosh Rai
नीरज चोपड़ा के 10 साल बाद फिर चमका भारत का जैवलिन, आशीष यादव ने U20 वर्ल्ड चैंपियनशिप में जीता सिल्वर
Courtesy: X

भारतीय जैवलिन थ्रो के लिए एक और बड़ी खबर सामने आई है. 19 साल के आशीष यादव ने ओरेगन में आयोजित वर्ल्ड U20 चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया. 10 साल पहले नीरज चोपड़ा ने इसी प्रतियोगिता में भारत को गोल्ड दिलाया था.

आशीष की वापसी ने दिलाया सिल्वर

आशीष यादव के लिए फाइनल की शुरुआत बिल्कुल आसान नहीं रही. उन्होंने पहले प्रयास में 69.96 मीटर का थ्रो किया. वहीं दूसरे प्रयास में उनका थ्रो फाउल हो गया. ऐसे में प्रतियोगिता के शुरुआती दौर में ही उन पर दबाव बढ़ गया था लेकिन उन्होंने तीसरे प्रयास में शानदार वापसी की और 74.09 मीटर का थ्रो करते हुए सीधे दूसरे स्थान पर पहुंच गए. इसके बाद उनके अगले तीन प्रयास 72.31 मीटर, 70.62 मीटर और 67.98 मीटर रहे. हालांकि वह अपने 74.49 मीटर के पर्सनल और सीजन बेस्ट प्रदर्शन को पार नहीं कर सके लेकिन फाइनल में 74.09 मीटर उनके लिए सिल्वर मेडल जीतने के लिए पर्याप्त साबित हुआ. साउथ अफ्रीका के जान-हेंड्रिक हेमैन्स ने 80.50 मीटर के शानदार थ्रो के साथ गोल्ड जीता. वहीं डोमिनिका के एडिसन जेम्स ने 73.89 मीटर के प्रदर्शन के साथ ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया.

क्वालिफिकेशन से फाइनल तक दिखा दम

आशीष का प्रदर्शन फाइनल से पहले ही संकेत दे चुका था कि वह मेडल की दौड़ में मजबूत दावेदार हैं. क्वालिफिकेशन राउंड में उन्होंने 69.87 मीटर का थ्रो किया और ग्रुप A में सबसे टॉप पर रहे. सभी खिलाड़ियों को मिलाकर भी वह दूसरे स्थान पर थे. उनसे आगे हेमैन्स रहे, जिन्होंने ग्रुप B में 76.02 मीटर का थ्रो किया था. फाइनल में भी हेमैन्स ने अपनी बढ़त बनाए रखी और शुरुआती दो प्रयासों में 76.92 और 76.40 मीटर के थ्रो किए. बाद में उनका 80.50 मीटर का थ्रो निर्णायक साबित हुआ. भारत के एक और खिलाड़ी टी. धरणीधरन ने भी फाइनल में अपनी जगह बनाई थी. उन्होंने क्वालिफिकेशन में 68.07 मीटर के साथ 12वें और आखिरी स्थान पर फाइनल के लिए जगह बनाई लेकिन निर्णायक मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन करते हुए 72.35 मीटर तक जैवलिन पहुंचाया और छठा स्थान हासिल किया. दोनों भारतीयों की मौजूदगी ने दिखाया कि जूनियर स्तर पर भारत के पास अब एक से ज्यादा मजबूत विकल्प हैं.

नीरज के बाद नई पीढ़ी का बड़ा संकेत

आशीष का सिल्वर मेडल सिर्फ एक खिलाड़ी की व्यक्तिगत सफलता नहीं है. यह भारतीय जैवलिन में बन रही नई पीढ़ी की तस्वीर भी दिखाता है. 2016 में नीरज चोपड़ा ने बिडगोस्जकज में 86.48 मीटर के थ्रो के साथ वर्ल्ड U20 चैंपियनशिप का गोल्ड जीता था और उनका यह प्रदर्शन आज भी चैंपियनशिप रिकॉर्ड है. इसके बाद नीरज ने ओलंपिक, वर्ल्ड चैंपियनशिप और डायमंड लीग जैसे बड़े मंचों पर भारत को गौरवान्वित किया. अब आशीष का उसी जूनियर चैंपियनशिप में पोडियम पर पहुंचना इस बात का संकेत है कि भारतीय जैवलिन सिर्फ एक बड़े स्टार पर निर्भर नहीं रह गया है. सीनियर स्तर पर भी भारत के पास मजबूत खिलाड़ी हैं. हाल के कॉमनवेल्थ गेम्स में नीरज ने 85.83 मीटर के साथ सिल्वर, यशवीर सिंह ने 85.41 मीटर के साथ ब्रॉन्ज और रोहित यादव ने 81.56 मीटर के साथ सातवां स्थान हासिल किया. जूनियर स्तर पर भी आशीष, धरणीधरन और दूसरे भारतीय थ्रोअर 70 मीटर से ज्यादा के आसपास प्रदर्शन कर रहे हैं. ऐसे में आशीष का सिल्वर भारत के जैवलिन के लिए केवल एक और मेडल नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए मजबूत उम्मीद है.