नई दिल्ली: IPL 2026 में कोलकाता नाइट राइडर्स का सफर उम्मीदों और निराशाओं के बीच झूलता रहा. टूर्नामेंट की बेहद निराशाजनक शुरुआत में लगातार हार ने टीम की लय बिगाड़ दी और बाद में मिली जीतों की रफ्तार भी उन्हें प्लेऑफ तक नहीं पहुंचा सकी. सीजन खत्म होने के बाद अब कप्तान अजिंक्य रहाणे ने खुलकर टीम के संघर्ष, दबाव और अपनी कप्तानी को लेकर बात की. उन्होंने साफ कहा कि मुश्किल हालात में पीछे हटना उनके स्वभाव में नहीं है.
कोलकाता ने अपने शुरुआती छह मुकाबलों में से पांच गंवा दिए थे, जिससे टीम शुरुआत में ही दबाव में आ गई. हालांकि बाद में लगातार जीत के साथ वापसी की उम्मीद जगी जरूर थी लेकिन उससे भी शुरुआती नुकसान की भरपाई नहीं हो सकी. आखिरकार टीम लगातार दूसरे सीजन प्लेऑफ में जगह बनाने से चूक गई.
जब रहाणे से पूछा गया कि खराब प्रदर्शन के दौरान क्या उन्होंने कप्तानी छोड़ने या खुद को प्लेइंग इलेवन से बाहर करने के बारे में कभी सोचा था, तो उन्होंने इसे पूरी तरह नकार दिया. रहाणे ने कहा कि वह हमेशा चुनौतियों का सामना करने में विश्वास रखते हैं और दबाव से भागना उनके स्वभाव में नहीं है.
उन्होंने कहा कि क्रिकेट में आलोचना और तारीफ दोनों खेल का हिस्सा हैं. खिलाड़ी अगर अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो प्रशंसा मिलती है और खराब खेल पर आलोचना भी होती है. उनके मुताबिक असली चरित्र उसी समय सामने आता है, जब टीम मुश्किल दौर से गुजर रही हो.
रहाणे ने बताया कि लगातार हार के बाद खिलाड़ी अतीत और भविष्य के बारे में सोचने लगते हैं, लेकिन जरूरी यह है कि वर्तमान पर ध्यान बनाए रखा जाए. उन्होंने टीम के खिलाड़ियों को लगातार भरोसा दिलाया कि सिर्फ एक जीत पूरे माहौल को बदल सकती है.
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि टीम अपनी पूरी क्षमता के अनुसार प्रदर्शन नहीं कर पाई. रहाणे के अनुसार गलतियों को स्वीकार करना ही सुधार की पहली सीढ़ी है.
कोलकाता की आखिरी उम्मीद राजस्थान रॉयल्स और मुंबई इंडियंस के मैच पर टिकी हुई थी. अगर राजस्थान हार जाता, तो केकेआर के पास बेहतर नेट रन रेट के जरिए आगे बढ़ने का मौका बन सकता था. लेकिन राजस्थान की जीत के साथ ही कोलकाता और पंजाब किंग्स दोनों का सफर खत्म हो गया. इस तरह एक बार फिर केकेआर को अधूरे सपनों के साथ सीजन समाप्त करना पड़ा.