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India Daily

अफगानिस्तान के खिलाफ ऋषभ पंत ने शॉट मार तोड़ा ड्रोन? गेंद के रंग ने फोड़ा भांडा; केरल पुलिस ने दिया तगड़ा संदेश

सोशल मीडिया पर ऋषभ पंत का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में दावा किया जा रहा है कि बल्लेबाजी के दौरान पंत ने ऐसा जोरदार शॉट खेला, जिससे मैदान के ऊपर उड़ रहे ड्रोन कैमरे को गेंद लग गई और वह नीचे गिर पड़ा.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
अफगानिस्तान के खिलाफ ऋषभ पंत ने शॉट मार तोड़ा ड्रोन? गेंद के रंग ने फोड़ा भांडा; केरल पुलिस ने दिया तगड़ा संदेश
Courtesy: X (@TheKeralaPolice)

नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर इन दिनों भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत छाए हुए हैं. अपनी बल्लेबाज के साथ ही वह अपने वीडियो के लिए चर्चा का विषय बने हुए हैं. सोशल मीडिया पर पंत का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में दावा किया जा रहा है कि बल्लेबाजी के दौरान पंत ने ऐसा जोरदार शॉट खेला, जिससे मैदान के ऊपर उड़ रहे ड्रोन कैमरे को गेंद लग गई और वह नीचे गिर पड़ा. इस वीडियो को लाखों लोगों ने देखा और कई लोगों ने इसे सच मान लिया, लेकिन बाद में इसकी सच्चाई सामने आई.

दरअसल, यह वीडियो किसी असली मैच की घटना नहीं बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक की मदद से तैयार किया गया कंटेंट है. सोशल मीडिया पर इसे भारत और अफगानिस्तान के बीच मुल्लनपुर में खेले गए टेस्ट मैच से जोड़कर शेयर किया गया.

कैसे खुली वीडियो की पोल?

वैसे तो यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है लेकिन वीडियो की पोल तक खुली जब इसे ध्यान से देखा गया. वीडियो को ध्यान से देखने पर पता चलता है कि बल्लेबाज द्वारा खेली गई गेंद सफेद रंग की है, जबकि टेस्ट क्रिकेट में हमेशा लाल गेंद का इस्तेमाल होता है. यही सबसे बड़ा संकेत था कि वीडियो फेक है. इसके बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने भी इसे AI से तैयार किया गया वीडियो बताया.

केरल पुलिस ने दिया अहम संदेश

इस वायरल वीडियो का इस्तेमाल केरल पुलिस ने एक अहम सामाजिक संदेश देने के लिए किया. पुलिस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इसे साझा करते हुए लोगों को दूसरों की निजता का सम्मान करने की सलाह दी. पुलिस ने कहा कि आजकल कई लोग दूसरों के दुख, दुर्घटनाओं और निजी पलों को रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर फेमस होने की कोशिश करते हैं, जोकि गलत है.

निजता का अधिकार है मौलिक अधिकार

केरल पुलिस ने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को निजता का अधिकार प्रदान करता है. किसी व्यक्ति की अनुमति के बिना उसकी तस्वीर या वीडियो रिकॉर्ड करना, कॉपी करना या इंटरनेट पर साझा करना कानूनी परेशानी का कारण बन सकता है.

कानून क्या कहता है?

पुलिस ने कैप्शन में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 66E का भी उल्लेख किया. इस अधिनियम के तहत किसी की निजता का उल्लंघन करना और उसकी तस्वीर या वीडियो पब्लिक करना दंडनीय अपराध है. 

दोषी पाए जाने पर तीन साल तक की जेल और दो लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. इस तरह केरल पुलिस ने एक वायरल एआई वीडियो के जरिए डिजिटल जिम्मेदारी और निजता संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया.