कोलकाता: भारतीय घरेलू क्रिकेट में जम्मू-कश्मीर ने बुधवार को इतिहास रच दिया है. वो 67 साल बाद पहली बार प्रतिष्ठित रणजी ट्रॉफी के फाइनल में पहुंची है. उसने मजबूत समझे वाली बंगाल को 6 विकेट से हराकर ये कीर्तिमान रचा है. ये मैच काफी रोमांचक रहा और इसमें कई रिकॉर्ड भी बने.
बंगाल क्रिकेट एकेडमी में ये सेमीफाइल मुकाबला खेला गया. अंडरडॉग समझे जानी वाली जम्मू-कश्मीर ने मैच के आखिरी दिन जीत हासिल कर घरेलू क्रिकेट में सनसनी मचा दी. बंगाल ने दो बार रणजी ट्रॉफी जीती है.
जम्मू-कश्मीर के आकिब नबी ने ऑल-राउंड परफॉर्मेंस करते हुए अपनी टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई. उन्होंने जम्मू-कश्मीर की तरफ से पहली पारी में 42 रन बनाए. पूरे टूर्नामेंट वो घातक गेंदबाजी कर रहे हैं. इस मैच में भी उन्होंने कुल 9 विकेट लिए. पहली पारी में उन्होंने 5 और दूसरी पारी में 4 विकेट लिए.
जम्मू कश्मीर का फाइनल में कर्नाटक से मुकाबला होने की काफी ज्यादा संभावना है. उत्तराखंड के साथ खेले जा रहे सेमीफाइनल में वो मजबूत स्थिति में दिख रही है.
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— BCCI Domestic (@BCCIdomestic) February 18, 2026
J&K create history as they defeat Bengal by 7️⃣ wickets to book their ticket to the #RanjiTrophy Final for the very first time 🫡
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बंगाल की टीम दूसरी पारी में 99 रन पर आउट हो गई. इस पारी में आकिब नबी और सुनील कुमार दोनों ने चार-चार विकेट लिए. इसके बाद जम्मू-कश्मीर को 126 रनों का आसान लक्ष्य मिला. वंशज शर्मा की बात करें तो उन्होंने जम्मू-कश्मीर की तरफ से नाबाद 43 रन बनाए. उन्होने सिक्स मारकर अपनी टीम को 67 साल बाद फाइनल में पहुंचाया. वहीं अब्दुल समद ने 27 बॉल में 30 रन बनाए. रणजी के फाइनल में पहुंचने से पहले उन्होंने मुंबई और कर्नाटक जैसी टीमों को पिछले स्टेज में हराया.
तेज गेंदबाज आकिब नबी ने मध्य प्रदेश पर क्वार्टर फ़ाइनल में जम्मू-कश्मीर की जीत में भी अहम भूमिका निभाई थी. इस मैच में नबी ने 110 रन देकर 12 विकेट लिए थे. पहली इनिंग में उन्होंने 40 रन देकर 7 विकेट और दूसरी इनिंग में 70 रन देकर 5 विकेट शामिल थे. जिसकी बदौलत उनकी टीम 56 रन से जीता था. जम्मू कश्मीर के रणजी के अपने तक के सफर में नबी के अलावा सुनील कुमार और युद्धवीर सिंह चरक ने शानदार गेंदबाजी की है.