भारत और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है. दोनों टीमें एक-एक मुकाबला जीतकर बराबरी पर है और अब लॉर्ड्स में सीरीज का आखिरी मुकाबला खेला जाना है. इस मैच में जो भी टीम बाजी मारेगी सीरीज उसी के नाम होगी.
आखिरी मैच में भारतीय टीम के सामने सिर्फ ट्रॉफी जीतने की चुनौती नहीं है, बल्कि उसे एक ऐसा रिकॉर्ड भी बदलना है जो पिछले दो दशक से उसके खिलाफ खड़ा है. शुभमन गिल की कप्तानी में टीम 22 सालों के जीत के सूखे को खत्म करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी.
'होम ऑफ क्रिकेट' कहे जाने वाले लॉर्ड्स मैदान पर भारत की आखिरी वनडे जीत इंग्लैंड के खिलाफ 5 सितंबर 2004 को आई थी. उस मुकाबले में सौरव गांगुली की कप्तानी में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की थी. इसके बाद से टीम इंडिया इस मैदान पर इंग्लैंड को वनडे में नहीं हरा सकी है. अगर रविवार को भारतीय टीम इस मुकाबले में जीत दर्ज कर लेती है तो टीम इंडिया 22 सालों का सूखा खत्म करेगा.
2004 was the last time India beat England in ODIs at Lord's:
Last 4 matches:
England - 3.
Tied - 1.
India - 0. pic.twitter.com/JwYPjCVCT8— Mufaddal Vohra (@mufaddal_vohra) July 18, 2026Also Read
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लॉर्ड्स में खेले गए पिछले चार वनडे मुकाबलों के नतीजे भारत के पक्ष में नहीं रहे हैं. साल 2007 में भारत को हार मिली, जबकि 2011 का मुकाबला टाई रहा. इसके बाद 2018 और 2022 में भी इंग्लैंड ने भारतीय टीम को बड़े अंतर से हराया था. यही रिकॉर्ड इस निर्णायक मुकाबले को और चुनौतीपूर्ण बना देता है. इन आंकड़ों को देखते हुए फैंस की निगाहें अब इस मैच पर होगी.
युवा कप्तान शुभमन गिल के लिए यह मुकाबला खास महत्व रखता है. अगर भारतीय टीम इस मैच में जीत दर्ज करती है तो वह सीरीज पर कब्जा जमाने के साथ लॉर्ड्स में 22 साल का इंतजार भी खत्म कर देगी. ऐसे में बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों से संतुलित प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी.
निर्णायक मुकाबले में शुरुआती विकेट, मजबूत साझेदारी और सटीक गेंदबाजी जीत की कुंजी साबित हो सकती है. भारतीय टीम को इंग्लैंड की परिस्थितियों के अनुसार अपनी रणनीति पर अमल करना होगा. फील्डिंग में छोटी गलती भी मैच का रुख बदल सकती है, इसलिए हर खिलाड़ी की भूमिका अहम रहने वाली है.
सीरीज फिलहाल बराबरी पर है और दोनों टीमों के पास ट्रॉफी जीतने का समान अवसर है. भारत के लिए यह सिर्फ एक मुकाबला नहीं, बल्कि पुराने रिकॉर्ड को बदलने का मौका भी है. अगर टीम इंडिया लॉर्ड्स में जीत दर्ज करती है तो यह सफलता खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को नई ऊंचाई दे सकती है और सीरीज यादगार बन जाएगी.