नई दिल्ली: भारतीय रेलवे एक नया कीर्तिमान रचने जा रही है. हरियाणा के जींद से सोनीपत के बीच देश की पहली हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन शुरू कर दी गई है. यह ट्रेन न डीजल से चलती है और न बिजली से. यह पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से बनी है और हाइड्रोजन फ्यूल सेल टेक्नोलॉजी पर काम करती है.
बता दें कि यह ट्रेन हाइड्रोजन गैस को रासायनिक प्रक्रिया से बिजली में बदलकर चलती है. इससे निकलने वाला बायप्रोडक्ट सिर्फ पानी की भाप और गर्मी होता है, यानी इसमें धुआं या प्रदूषण बिल्कुल नहीं होता. यह स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल (ग्रीन) ट्रांसपोर्टेशन का बेहतरीन उदाहरण है.
डिजाइन स्पीड: 110 किलोमीटर प्रति घंटा
चलाने की अनुमति: 75 किलोमीटर प्रति घंटा
यात्रियों की क्षमता: 2600 सीटें
जींद में देश की सबसे बड़ी हाइड्रोजन स्टोरेज और रिफ्यूलिंग सुविधा बनाई गई है. यह एक बार में करीब 3000 किलो हाइड्रोजन स्टोर कर सकती है. पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव्स सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन (PESO) ने इस सुविधा को मंजूरी दे दी है.
A truly historic moment for India's green mobility future! 🚆🇮🇳
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) July 17, 2026
Today, PM @NarendraModi ji will flag off India's first indigenous hydrogen-powered train on the Jind-Sonipat route. Powered by a 1200 kW hydrogen fuel cell propulsion system and emitting only water vapour, this… pic.twitter.com/tCKiOUtmqW
ट्रेन में PEMFC (प्रोटॉन एक्सचेंज मेम्ब्रेन फ्यूल सेल) लगा है. इसमें हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की रासायनिक प्रतिक्रिया होती है जिससे बिजली बनती है. यह प्रक्रिया बहुत साफ है और पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाती. यह ट्रेन भारत को स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में ले जाने वाला बड़ा कदम है. हाइड्रोजन फ्यूल सेल टेक्नोलॉजी भविष्य में रेलवे को फॉसिल फ्यूल (डीजल) से मुक्त बनाने में मदद करेगी. इससे कार्बन फुटप्रिंट कम होगा और मेंटेनेंस भी आसान रहेगा.