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India Daily

किस तकनीक पर दौड़ रही हाइड्रोजन ट्रेन? जिसके साथ भारतीय रेलवे लिखेगा नया इतिहास

भारतीय रेलवे अब धीरे-धीरे हाइड्रोजन, सोलर और अन्य स्वच्छ ऊर्जा पर आधारित ट्रेनें लाने की तैयारी कर रही है. हाइड्रोजन ट्रेन किस तकनीक पर चलती है, चलिए जानते हैं…

Shilpa Shrivastava
किस तकनीक पर दौड़ रही हाइड्रोजन ट्रेन? जिसके साथ भारतीय रेलवे लिखेगा नया इतिहास
Courtesy: X (@PiyushGoyal)

नई दिल्ली: भारतीय रेलवे एक नया कीर्तिमान रचने जा रही है. हरियाणा के जींद से सोनीपत के बीच देश की पहली हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन शुरू कर दी गई है. यह ट्रेन न डीजल से चलती है और न बिजली से. यह पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से बनी है और हाइड्रोजन फ्यूल सेल टेक्नोलॉजी पर काम करती है.

बता दें कि यह ट्रेन हाइड्रोजन गैस को रासायनिक प्रक्रिया से बिजली में बदलकर चलती है. इससे निकलने वाला बायप्रोडक्ट सिर्फ पानी की भाप और गर्मी होता है, यानी इसमें धुआं या प्रदूषण बिल्कुल नहीं होता. यह स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल (ग्रीन) ट्रांसपोर्टेशन का बेहतरीन उदाहरण है.

ट्रेन में क्या-क्या हैं खूबियां?

हाइड्रोजन स्टोरेज सुविधा:

जींद में देश की सबसे बड़ी हाइड्रोजन स्टोरेज और रिफ्यूलिंग सुविधा बनाई गई है. यह एक बार में करीब 3000 किलो हाइड्रोजन स्टोर कर सकती है. पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव्स सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन (PESO) ने इस सुविधा को मंजूरी दे दी है.

कैसे काम करती है टेक्नोलॉजी?

ट्रेन में PEMFC (प्रोटॉन एक्सचेंज मेम्ब्रेन फ्यूल सेल) लगा है. इसमें हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की रासायनिक प्रतिक्रिया होती है जिससे बिजली बनती है. यह प्रक्रिया बहुत साफ है और पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाती. यह ट्रेन भारत को स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में ले जाने वाला बड़ा कदम है. हाइड्रोजन फ्यूल सेल टेक्नोलॉजी भविष्य में रेलवे को फॉसिल फ्यूल (डीजल) से मुक्त बनाने में मदद करेगी. इससे कार्बन फुटप्रिंट कम होगा और मेंटेनेंस भी आसान रहेगा.