नई दिल्ली: भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्काईरूट एयरोस्पेस की टीम को फोन कर बधाई दी. विक्रम 1 रॉकेट के सफल प्रक्षेपण के बाद प्रधानमंत्री ने टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने भारत को गर्व महसूस कराया है और देश के युवाओं की क्षमता को दुनिया के सामने साबित किया है.
सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से विक्रम 1 के सफल प्रक्षेपण के बाद स्काईरूट की टीम जश्न मना रही थी. इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्काईरूट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और सह संस्थापक पवन कुमार चंदाना से फोन पर बात की. प्रधानमंत्री ने पूरी टीम को इस ऐतिहासिक सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं.
Spoke to the team of Skyroot Aerospace and congratulated them on the successful launch of Vikram-1.
— Narendra Modi (@narendramodi) July 18, 2026
This is a defining moment in India’s space journey. The growing participation of our private sector is opening new frontiers and accelerating innovation.
This achievement will… pic.twitter.com/epWjOY8yKa
प्रधानमंत्री ने कहा कि स्काईरूट की युवा टीम ने भारत की आकांक्षाओं को अंतरिक्ष तक पहुंचाया है और युवाओं के सपनों को नई उड़ान दी है. उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय युवाओं पर भरोसा किया जाए तो वे असाधारण काम कर सकते हैं.
बातचीत के दौरान पवन कुमार चंदाना ने प्रधानमंत्री को बताया कि उनकी टीम की औसत आयु केवल 28 वर्ष है. इस पर प्रधानमंत्री ने कहा कि टीम ने भारत के युवाओं पर उनके विश्वास को सही साबित किया है. उन्होंने कहा कि कभी भारत के अंतरिक्ष सपनों पर सवाल उठाए जाते थे, लेकिन आज युवा वैज्ञानिकों और इंजीनियरों ने अपनी प्रतिभा से नया इतिहास रच दिया है.
प्रधानमंत्री ने मिशन के नाम आगमन का उल्लेख करते हुए कहा कि यह स्काईरूट की यात्रा की केवल शुरुआत है और आने वाले समय में टीम कई नए कीर्तिमान स्थापित करेगी. करीब नौ मिनट तक चली बातचीत में उन्होंने कहा कि इस सफलता ने भारत की अंतरिक्ष यात्रा को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है.
पवन कुमार चंदाना ने प्रधानमंत्री को बताया कि प्रक्षेपण से पहले उनके द्वारा भेजा गया हस्तलिखित वंदे मातरम संदेश भी विक्रम 1 के साथ अंतरिक्ष में गया है. इस पर प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने केवल वंदे मातरम लिखने का फैसला दो कारणों से किया था. पहला, राष्ट्रीय गीत के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर को विशेष बनाना और दूसरा, क्योंकि वंदे मातरम हमेशा देश के युवाओं को प्रेरित करता रहा है.
प्रधानमंत्री ने टीम से कहा कि उन्होंने वंदे मातरम की भावना को साकार किया है. बातचीत के अंत में उन्होंने कहा कि आप आगे बढ़ते रहिए, नई ऊंचाइयों को छूइए, मैं आपके साथ हूं.
बाद में प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भी विक्रम 1 के सफल प्रक्षेपण को भारत की अंतरिक्ष यात्रा का एक निर्णायक क्षण बताया. उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी नवाचार को नई गति दे रही है और यह उपलब्धि देश के अनगिनत युवाओं को बड़े सपने देखने और निडर होकर नवाचार करने के लिए प्रेरित करेगी.