IND vs AFG 3rd ODI Match: लखनऊ की भीषण गर्मी में टीम इंडिया ने तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है, और अब निगाहें चेन्नई में होने वाले तीसरे और आखिरी वनडे पर टिकी हैं. कप्तान के तौर पर अपनी पहली सीरीज में शतक जमाकर शुभमन गिल इस जीत के मुख्य सूत्रधार बने, जबकि उनके दोस्त ईशान किशन ने भी दूसरे एंड से शतकीय पारी खेली. अफगानिस्तान के लिए 400 से ज्यादा का लक्ष्य पहाड़ जैसा साबित हुआ.
अब सवाल यह है कि औपचारिकता बन चुके इस मैच में दोनों टीमें किस रणनीति के साथ उतरेंगी. भारत पर गर्मी का दबाव ज्यादा है, लेकिन नतीजे को लेकर कोई दबाव नहीं है. दूसरी तरफ अफगानिस्तान के सामने सीरीज में क्लीन स्वीप से बचने की बड़ी चुनौती है. दोनों टीमों के कई खिलाड़ी पहले ही गर्मी से जूझते दिखे, और तौलिये व ठंडक के लिए बार-बार ब्रेक लेने जैसे नजारे चेन्नई में भी दोहराए जा सकते हैं.
चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम की पिचें पिछले कुछ वर्षों में काफी बदल गई हैं. स्पिनरों के लिए स्वर्ग मानी जाने वाली चेपॉक की पिच अब बल्लेबाजों के लिए मददगार साबित हो रही है. पिछले दो वनडे मैचों की तरह इस बार भी चेपॉक की पिच बल्लेबाजी के लिए अच्छी रहने की संभावना है. पिच पर उछाल तो होगा, लेकिन इसके अलावा और कुछ खास नहीं होगा.
अच्छी खबर यह है कि मौसम पूर्वानुमान के अनुसार आसमान ज्यादातर साफ रहेगा और चेन्नई भारत के अन्य हिस्सों की तुलना में अधिक गर्म रहने की संभावना है. शहर में रहने के दौरान दोनों टीमों को 28°C से 30°C के बीच तापमान का सामना करना पड़ सकता है.
पिछले वनडे में अफगानिस्तान की टीम बेहद कमजोर दिखी. टीम में मनोबल की कमी नजर आ रही है. पिछले मैच में अजमतुल्लाह उमरजई और मोहम्मद नबी जैसे खिलाड़ियों की अनुपलब्धता ने भी उनकी स्थिति को और खराब कर दिया. चेन्नई में उनके पास 2023 विश्व कप की सुखद यादें हैं, लेकिन फॉर्म में चल रही भारतीय टीम को हराना एक असंभव चुनौती होगी.
भारत: रोहित शर्मा, शुबमन गिल (कप्तान), इशान किशन, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल (विकेटकीपर), नितीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव, गुरनूर बरार.
अफगानिस्तान: रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर), इब्राहिम जादरान, सेदिकुल्लाह अटल, रहमत शाह, हशमतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), अजमतुल्लाह उमरजई, मोहम्मद नबी, राशिद खान, अल्लाह गजनफर, फरीद अहमद मलिक, बिलाल सामी.
ईशान किशन - यह साल ईशान के लिए बेहद खास रहा है. उन्होंने दोनों व्हाइट-बॉल टीमों में वापसी की और आते ही अपना प्रभाव दिखाया. उनकी आखिरी पारी ने उनकी बहुमुखी प्रतिभा को साबित कर दिया कि वे किसी भी फॉर्मेट में बल्लेबाजी कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर अपनी गति बदल सकते हैं.
रहमत शाह - अनुभवी दाएं हाथ के बल्लेबाज ने अपनी टीम के लिए अकेले योद्धा की तरह संघर्ष किया. मैच लगभग खत्म हो चुका था, फिर भी वे अंत तक बल्लेबाजी करते रहे. हालांकि गुरबाज ने तूफानी शतक बनाया, लेकिन रहमत शाह सबसे प्रभावशाली बल्लेबाज साबित हुए.
गुरनूर बराड़ - दो मैचों में छह विकेट - गुरनूर दोनों टीमों में अब तक के सबसे प्रभावशाली गेंदबाज रहे हैं. जिस तरह से उन्होंने गेंदबाजी की है, उसे देखकर ऐसा नहीं लगता कि यह भारतीय खिलाड़ी के रूप में उनकी पहली द्विपक्षीय श्रृंखला है. अलग-अलग चरणों में गेंदबाजी करना और महत्वपूर्ण मौकों पर विकेट लेना अब तक उनके करियर की प्रमुख विशेषताओं में से एक रहा है.