Paris Olympics 2024: भारतीय पहलवान विनेश फोगाट ओलंपिक स्वर्ण पदक से महज एक जीत दूर थीं, लेकिन बुधवार को वजन बढ़ने के कारण उन्हें अयोग्य करार दिया गया, जिससे उनका सपना चकनाचूर हो गया. 50 किलोग्राम फ्रीस्टाइल कुश्ती स्पर्धा में हिस्सा ले रही विनेश का वजन निर्धारित सीमा से 100 ग्राम अधिक पाया गया, जिसके चलते अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) ने उन्हें फाइनल से अयोग्य करार दिया.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, विनेश मंगलवार रात को एक किलो अधिक वजन की थीं और उन्होंने वजन कम करने के लिए हर संभव प्रयास किया, जिसमें बाल काटना भी शामिल था, लेकिन वे नाकाम रहीं और भारत की प्रमुख पदक की उम्मीद खत्म हो गई.
विनेश फोगाट की पहली तस्वीर सामने आई है जिसमें उन्हें भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष पीटी उषा के साथ ओलंपिक गांव के क्लिनिक में देखा जा सकता है.
पीटी उषा ने बुधवार को पेरिस ओलंपिक में 50 किलोग्राम वर्ग की फाइनल से विनेश फोगाट के अयोग्य घोषित किए जाने पर सदमे और निराशा व्यक्त की और कहा कि भारतीय कुश्ती संघ ने निर्णय पर पुनर्विचार करने के लिए UWW को अपील दायर कर दी है. उन्होंने कहा कि आईओए और सरकार उनका पूरा समर्थन करेंगी.
President of the Indian Olympic Association (IOA) PT Usha met Indian wrestler Vinesh Phogat, in Paris, France
— ANI (@ANI) August 7, 2024
She was disqualified today from the Women’s Wrestling 50kg for being overweight.
(Pic source: IOA) pic.twitter.com/eKRCilr2lG
विनेश का सामना स्वर्ण पदक मैच में संयुक्त राज्य अमेरिका की सारा एन हिल्डेब्रांट से होना था.
आईओए द्वारा जारी एक वीडियो में पीटी उषा ने कहा, "मैं ओलंपिक खेलों की महिला कुश्ती 50 किलो वर्ग की प्रतियोगिता से विनेश के अयोग्य घोषित किए जाने से स्तब्ध और निराश हूं. मैं थोड़ी देर पहले ओलंपिक गांव पॉलीक्लिनिक में विनेश से मिली और उन्हें भारतीय ओलंपिक संघ, भारत सरकार और पूरे देश का पूरा समर्थन देने का आश्वासन दिया. हम विनेश को सभी चिकित्सा और भावनात्मक सहयोग प्रदान कर रहे हैं."
उन्होंने कहा, "भारतीय कुश्ती संघ ने विनेश को अयोग्य घोषित करने के फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए यूडब्ल्यूडब्ल्यू (यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग) को अपील दायर की है, और आईओए इसे सबसे मजबूत तरीके से आगे बढ़ा रहा है. मैं विनेश, डॉ. दिनशा परदीवाला के नेतृत्व वाली मेडिकल टीम और शेफ-डी-मिशन गगन नारंग द्वारा रात भर किए गए अथक प्रयासों से अवगत हूं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वह प्रतियोगिता की आवश्यकताओं को पूरा कर सकें. आईओए यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है कि दल का मनोबल उच्च बना रहे. हमें यकीन है कि सभी भारतीय विनेश और पूरे भारतीय दल के साथ खड़े होंगे."
इस बीच, डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि विनेश के कोचों की यह जिम्मेदारी थी कि वे सुनिश्चित करें कि वह स्वर्ण पदक मुकाबले से पहले 50 किलो के भीतर हों.
उन्होंने पीटीआई से कहा, "मुझे नहीं लगता कि विनेश की कोई गलती है. वह शानदार प्रदर्शन कर रही थी, और यहां पूरी जिम्मेदारी उसके कोच और सहायक स्टाफ की है. यह पता लगाने के लिए जांच होनी चाहिए कि उसका वजन कैसे बढ़ा. मैं केंद्र सरकार से उनसे (कोच और सहायक स्टाफ) सख्त कार्रवाई करने का आग्रह करता हूं."
डब्ल्यूएफआई प्रमुख ने कहा कि उन्होंने भारतीय ओलंपिक संघ और यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग के अधिकारियों से बात की और उनसे विनेश को कुछ छूट देने का अनुरोध किया, जिसे अस्वीकार कर दिया गया.
उन्होंने कहा,"मैंने आईओए (भारतीय ओलंपिक संघ) और यूडब्ल्यूडब्ल्यू (यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग) से बात की है, और उनसे कुछ छूट देने का अनुरोध किया है. मुझे सुबह एक कॉल आया और मुझे बताया गया कि विनेश फोगाट का वजन 100 ग्राम अधिक था. मैंने अधिकारियों से (विनेश को) कुछ समय और कुछ छूट देने का अनुरोध किया, लेकिन इसे अस्वीकार कर दिया गया. पूरा देश स्वर्ण पदक की उम्मीद कर रहा था लेकिन उसे उसके वजन के कारण अयोग्य करार दिया गया. मुझे उम्मीद है कि भगवान उसे ताकत देंगे, और पूरा देश उसके साथ है."