क्रिकेट में वापसी की कहानियां हमेशा खास होती हैं. ऐसी ही एक कहानी 2026 में लिखी गई. भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज और बिहार के लाल ईशान किशन की वापसी ने लोगों को भावुक कर दिया है. 2023 में मानसिक थकान और लगातार बेंच पर बैठने की निराशा ने उन्हें तोड़ कर रख दिया. इसके चलते उन्होंने क्रिकेट से ब्रेक लेने का फैसला किया. इसके बाद जो हुआ वो ईशान के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं था. बीसीसीआई ने उन्हें सजा देते हुए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से भी बाहर कर दिया था लेकिन उस सपने से निकल आज 3 साल बाद 2026 में अपनी जीत की पटकथा लिख रहा ये बिहार का लाल पूरे देश के युवाओं के लिए एक प्रेरणा का स्त्रोत बन गया है.
ईशान का डाउनफॉल तब शुरू हुआ जब वह लगातार टीम के साथ ट्रैवल कर रहे थे लेकिन शानदार प्रदर्शन के बावजूद उन्हें प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं मिल रहा था. इस भारी दबाव, बेचैनी और मानसिक थकान से टूटकर उन्होंने नवंबर 2023 में ऑस्ट्रेलिया सीरीज के बाद दिसंबर में साउथ अफ्रीका दौरे से अपना नाम वापस ले लिया था. उन्होंने अनिश्चित काल के लिए ब्रेक मांगा था. इसके बाद घरेलू क्रिकेट नहीं खेलने के कारण फरवरी 2024 में बीसीसीआई ने उन पर सख्त एक्शन लिया. उन्हें सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट से ही बाहर का रास्ता दिखा दिया. इसके साथ कई लोग उनके इस ब्रेक की आलोचना भी कर रहे थे. इस सब के बीच ये बिहार का लाल अकेला इस आंधी में वापसी के सपने देख रहा था.
सभी को लगने लगा था कि इस होनहार खिलाड़ी का सफर अब खत्म हो गया है. उसके बाद ईशान ने मैदान पर अपने बल्ले से जवाब देने की ठानी. उन्होंने खुद को समेटा और सबसे पहले सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी (SMAT) में अपनी टीम को चैंपियन बनाकर अपना दम दिखाया. इसके बाद उनका जलवा आईपीएल में भी देखने को मिला. यहां उन्होंने अपने आक्रामक खेल से पूरी लीग पर राज किया. उनके इस दमदार प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि इस 'पॉकेट डायनामाइट' को अब ज्यादा दिनों तक राष्ट्रीय टीम से दूर नहीं रखा जा सकता.
उनकी इस मेहनत और संघर्ष का सबसे बड़ा फल तब मिला जब टी20 वर्ल्ड कप में उन्हें मौका मिला और वह एक विश्व विजेता टीम का हिस्सा बने. अब एक बार फिर से इस बाएं हाथ के आक्रामक बल्लेबाज ने वनडे की टीम में अपनी पक्की जगह बना ली है. टी20 से लेकर वनडे टीम तक, हर जगह अब फिर से उनकी धाक जमने लगी है.
आज के समय में ईशान किशन 50 ओवर के फॉर्मेट में भारतीय कप्तान के लिए सबसे भरोसेमंद विकल्प बन चुके हैं. वह टीम में एक नहीं, बल्कि तीन अहम भूमिकाएं निभाने की काबिलियत रखते हैं. जरूरत पड़ने पर वह एक शानदार बैकअप ओपनर हैं, बैकअप मिडिल-ऑर्डर बल्लेबाज हैं और स्टंप्स के पीछे एक चुस्त बैकअप विकेटकीपर भी हैं. उनका यह थ्री-इन-वन रोल उन्हें टीम इंडिया का सबसे कीमती खिलाड़ी बनाता है. सच कहा जाए तो साल 2026 पूरी तरह से ईशान किशन के इस ऐतिहासिक कमबैक के नाम रहने वाला है.