दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण एक बार फिर बढ़ने लगा है. केंद्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने प्रदूषण को देखते हुए GRAP-1 (ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान) लागू कर दिया है. मंगलवार को सीएक्यूएम की उप समिति की बैठक में यह फैसला लिया गया है. वायु गुणवत्ता की निगरानी करने वाली एजेंसी ने लोगों से सिटीजन चार्टर अपनाने की अपील की है. बता दें कि आमतौर पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 200 के पार हो जाने पर ग्रैप-1 लागू किया जाता है. मंगलवार को दिल्ली में एक्यूआई 208 दर्ज किया गया है. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों प्रदूषण और बढ़ सकता है, इसलिए एहतियाती कदम उठाने का निर्णय लिया गया है.
दिल्ली में ग्रैप-1 लागू होने से प्रदूषण के लिए जिम्मेदार कई गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी. दिल्ली में अब होटल और रेस्टोरेंट कोयले और लकड़ी का उपयोग नहीं कर सकेंगे.सीएक्यूएम का कहना है कि आने वाले दिनों में प्रदूषण का स्तर और बढ़ने की आशंका है. इस संबंध में भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) की ओर से भी अलर्ट जारी किया गया है. सीएक्यूएम ने संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप-1 के तहत आने वालों उपायों को सख्ती से लागू कराया जाए ताकि प्रदूषण को खतरनाक स्तर पर जाने से रोका जा सके.
सीएक्यूएम ने संबंधित एजेंसियों को कहा है कि प्रदूषणकारी गतिविधियों की रोकथाम के लिए तत्परता से प्रवर्तन की कार्रवाई सुनिश्चित करें. इसके साथ ही एंटी पॉल्यूशन एक्टिविटीज- जैसे पानी का छिड़काव, बिल्डिंग मैटेरियल को ढकने जैसी गतिविधियों को गति दी जाए. आयोग ने कहा है कि आने वाले दिनों प्रदूषण स्तर की बारीकी से निगरानी जारी रहेगी और जरूरत के हिसाब से पाबंदियां और बढ़ाई जा सकती हैं. फिलहाल 'एक्यूआई पुअर' कैटेगरी में दर्ज किया गया है, इसलिए ग्रैप-1 की पाबंदियां लागू करने का फैसला लिया गया है.