भारतीय क्रिकेट में इन दिनों घरेलू प्रदर्शन से ज्यादा शायद आईपीएल की दोस्ती मायने रखने लगी है. अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले टेस्ट के लिए 15 सदस्यीय टीम का ऐलान हुआ. टेस्ट टीम को देखा गया, तो उसमें एक चीज सबकी आंखों में चुभने लगी. शुभमन गिल की कप्तानी में उन्होंने अपनी आईपीएल फ्रेंचाइजी गुजरात टाइटंस (GT) के सात खिलाड़ियों को नेशनल टीम में भर लिया है. यह डोमेस्टिक क्रिकेट में पसीना बहा रहे होनहार खिलाड़ियों के मुंह पर एक करारे तमाचे की तरह है.
अफगानिस्तान के खिलाफ चुनी गई इस 15 सदस्यीय टेस्ट टीम को देखकर ऐसा लग रहा है मानो यह भारतीय क्रिकेट टीम कम और गुजरात टाइटंस की प्लेइंग इलेवन ज्यादा हो. टीम में कप्तान शुभमन गिल के अलावा साई सुदर्शन, मानव सुथार, गुरनूर, गिल, प्रिसिध, सिराज और सुंदर को मिलाकर कुल सात खिलाड़ी सीधे तौर पर GT के खेमे से ताल्लुक रखते हैं. ऐसे लग रहा कि अब टेस्ट टीम में आने के लिए भी आईपीएल में कप्तान की टीम में शामिल होना पड़ेगा. फैंस का कहना है कि गिल ने कप्तान बनते ही अपने फ्रेंचाइजी दोस्तों को नेशनल कैप बांटने का काम किया है.
🚨 News 🚨
— BCCI (@BCCI) May 19, 2026
Presenting #TeamIndia's squads for the @IDFCFIRSTBank Test match and the 3️⃣-match ODI series against Afghanistan in June 🙌#INDvAFG pic.twitter.com/hFiABALLld
इस GT कोटा के चक्कर में उन खिलाड़ियों का सरेआम गला घोंटा गया है जो घरेलू पिचों पर लगातार रनों और विकेटों का अंबार लगा रहे थे. सबसे ज्यादा हैरानी सरफराज खान, आकिब नबी, करुण नायर और युवा बल्लेबाज स्मरन आर को बाहर रखने पर है. इन्होंने रेड-बॉल क्रिकेट में खुद को बार-बार साबित किया है. वहीं, मोहम्मद शमी जैसे अनुभवी दिग्गज को भी इस टीम से पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया है. फैंस का कहना है कि, 'क्या शमी का अनुभव और सरफराज की घरेलू मेहनत गिल की आईपीएल दोस्ती के सामने कुछ भी नहीं है?'
7 out of 15 players in this Test team are from GT.
— Aditya Saha (@Adityakrsaha) May 19, 2026
Surprised that Auqib Nabi didn't make it to this squad after an outstanding Ranji. https://t.co/WM4cw8Pid1
टेस्ट क्रिकेट हमेशा से अनुशासन, धैर्य और कड़े संघर्ष का प्रतीक रहा है लेकिन मौजूदा चयन ने इस धारणा को पूरी तरह चकनाचूर कर दिया है. शुभमन गिल का यह रवैया एक बेहद खतरनाक ट्रेंड सेट कर रहा है, जहां देश के लिए खेलने का सपना देखने वाले युवा अब रणजी ट्रॉफी खेलने के बजाय आईपीएल कप्तानों की जी-हुजूरी करने को मजबूर हो जाएंगे.