फीफा वर्ल्ड कप को दुनिया का सबसे बड़ा फुटबॉल टूर्नामेंट माना जाता है. इसके इतिहास में कई यादगार घटनाएं दर्ज हैं लेकिन 1966 में हुई ट्रॉफी चोरी की घटना सबसे दिलचस्प मानी जाती है. इस मामले में पुलिस ने कई कोशिशें की और नाकाम रही, फिर एक पालतू कुत्ते ने पूरी दुनिया की नजरें अपनी ओर खींच ली थीं.
साल 1966 में इंग्लैंड फीफा वर्ल्ड कप की मेजबानी की तैयारी कर रहा था. टूर्नामेंट शुरू होने से कुछ महीने पहले लंदन में आयोजित एक प्रदर्शनी में विश्व कप की असली ट्रॉफी रखी गई थी. इसी दौरान ज्यूल्स रिमेट ट्रॉफी रहस्यमय तरीके से गायब हो गई. ट्रॉफी की चोरी की खबर फैलते ही इंग्लैंड में हड़कंप मच गया. स्कॉटलैंड यार्ड की टीम जांच में जुट गई. देशभर में खोज अभियान चलाया गया. ट्रॉफी का कोई सुराग नहीं मिला. इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बड़ी चर्चा पैदा कर दी और आयोजकों की चिंता बढ़ गई.
ट्रॉफी चोरी होने के सात दिन बाद एक अप्रत्याशित मोड़ आया. साउथ लंदन में पिकल्स नाम का एक पालतू कुत्ता अपने मालिक के साथ टहलने निकला था. अचानक वह एक झाड़ी के पास रुक गया और लगातार भौंकने लगा. कुत्ते के व्यवहार को देखकर उसका मालिक वहां पहुंचा. जांच करने पर उसे अखबार में लिपटी एक वस्तु दिखाई दी. उसने उसे खोला तो वह वर्ल्ड कप की असली ट्रॉफी निकली. इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई और ट्रॉफी सुरक्षित अधिकारियों को सौंप दी गई.
विश्व कप ट्रॉफी मिलने के बाद पिकल्स रातों-रात मशहूर हो गय. मीडिया ने उसे हीरो की तरह पेश किया और उसकी चर्चा दुनिया भर में होने लगी. उसी साल इंग्लैंड ने पहली बार विश्व कप का खिताब भी जीता. जीत के बाद आयोजित विशेष समारोह में पिकल्स को सम्मानित अतिथि के रूप में बुलाया गया. एक साधारण पालतू कुत्ता फुटबॉल इतिहास का हिस्सा बन गया. आज भी यह घटना फीफा विश्व कप की सबसे अनोखी और यादगार कहानियों में गिनी जाती है.